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शिमला: गेयटी में बिखरी हिमाचली लोक संस्कृति की छटा, लोक और शास्त्रीय नृत्य ने मोहा मन
Mon, 24 Aug 2026 12:55 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 24 Aug 2026 12:55 PM IST
सार
Hunarbaz Himachal Season 8: शिमला के ऐतिहासिक गेयटी हॉल में ‘हुनरबाज हिमाचल सीजन-8’ का दो दिवसीय आयोजन संपन्न हुआ। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिभागियों ने हिमाचली लोक एवं शास्त्रीय नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं। लोक नृत्य में करीब 30 और शास्त्रीय नृत्य में लगभग 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। समापन समारोह में डॉ. नीलम ठाकुर मुख्य अतिथि रहीं। विभिन्न आयु वर्गों में विजेताओं का चयन किया गया।
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गेयटी हॉल शिमला में हुनरबाज हिमाचल सीजन 8
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
ऐतिहासिक गेयटी हॉल शिमला में हिमाचली लोक संस्कृति, कला और प्रतिभा का रंग देखने को मिला। देव भूमि हिम कला मंच और हिमालयन सोशल एजुकेशनल एग्री विजन फाउंडेशन (HIMSEA) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘हुनरबाज हिमाचल सीजन-8’ का दो दिवसीय आयोजन रविवार को भव्य प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिभागियों ने हिमाचली लोक एवं शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
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समापन समारोह में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ बायोसाइंस की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नीलम ठाकुर मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान सोशल वेलफेयर सोसाइटी फॉर वीमेन हिमाचल प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष विमला वर्मा और प्रदेश सचिव सावित्री कश्यप भी मौजूद रहीं।
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प्रदेशभर से पहुंचे प्रतिभागी
प्रतियोगिता में हिमाचली लोक नृत्य वर्ग में करीब 30 प्रतिभागियों, जबकि शास्त्रीय नृत्य वर्ग में लगभग 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रदेश के लगभग सभी जिलों से प्रतिभाएं शिमला पहुंचीं। प्रतियोगिता का पहला राउंड शनिवार को हुआ, जबकि रविवार को फिनाले में प्रतिभागियों ने निर्णायक मंडल के सामने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
प्रतिभागियों के नृत्य, ताल, भाव-भंगिमा, प्रस्तुति और तकनीकी पक्षों का मूल्यांकन निर्णायक मंडल ने किया। निर्णायक मंडल में डॉ. मदन झालटा, मिनाक्षी शर्मा, सिमी शांडिल्य, आयुष और कुल्लू से पहुंचीं पल्लवी ठाकुर शामिल रहीं।
प्रतियोगिता में हिमाचली लोक नृत्य वर्ग में करीब 30 प्रतिभागियों, जबकि शास्त्रीय नृत्य वर्ग में लगभग 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रदेश के लगभग सभी जिलों से प्रतिभाएं शिमला पहुंचीं। प्रतियोगिता का पहला राउंड शनिवार को हुआ, जबकि रविवार को फिनाले में प्रतिभागियों ने निर्णायक मंडल के सामने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
प्रतिभागियों के नृत्य, ताल, भाव-भंगिमा, प्रस्तुति और तकनीकी पक्षों का मूल्यांकन निर्णायक मंडल ने किया। निर्णायक मंडल में डॉ. मदन झालटा, मिनाक्षी शर्मा, सिमी शांडिल्य, आयुष और कुल्लू से पहुंचीं पल्लवी ठाकुर शामिल रहीं।
प्रतिभाओं को सही मंच देना जरूरी : डॉ. नीलम
मुख्य अतिथि डॉ. नीलम ठाकुर ने कहा कि बच्चों और युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही समय पर उचित मंच और मार्गदर्शन देने की है। अवसर मिलने पर हिमाचल के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने देव भूमि हिम कला मंच की ओर से कई वर्षों से प्रतिभाओं को मंच देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों से हार-जीत से निराश न होने और लगातार अपनी प्रतिभा को निखारने का आह्वान किया। विजेताओं को भी सफलता पर अहंकार न करते हुए निरंतर अभ्यास और मेहनत जारी रखने की सलाह दी।
मुख्य अतिथि डॉ. नीलम ठाकुर ने कहा कि बच्चों और युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही समय पर उचित मंच और मार्गदर्शन देने की है। अवसर मिलने पर हिमाचल के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने देव भूमि हिम कला मंच की ओर से कई वर्षों से प्रतिभाओं को मंच देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों से हार-जीत से निराश न होने और लगातार अपनी प्रतिभा को निखारने का आह्वान किया। विजेताओं को भी सफलता पर अहंकार न करते हुए निरंतर अभ्यास और मेहनत जारी रखने की सलाह दी।
ये रहे विशेष अतिथि
कार्यक्रम में भाषा एवं संस्कृति विभाग के सहायक निदेशक अनिल कुमार हारटा, जिला भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल, राजनीति विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर शैलजा चंदेल, एपीआरओ शिमला अजय बन्याल, डीआई किशोर कुमार और भूपेश शर्मा विशेष अतिथि रहे। हिम टीवी मीडिया के निदेशक और हिमाचल गॉट टैलेंट के प्रमुख डॉ. नरेश कौडल वीआईपी अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
इसके अलावा निशा चौहान, अनु भुनाल, सुनीता डोगरा, अनिशा भारद्वाज सहित गेयटी के स्टाफ और आयोजन टीम के सदस्य मौजूद रहे। मंच संचालन संजय कुमार उर्फ फौजी भाई और मीशल ने किया।
कार्यक्रम में भाषा एवं संस्कृति विभाग के सहायक निदेशक अनिल कुमार हारटा, जिला भाषा अधिकारी सरोजना नरवाल, राजनीति विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर शैलजा चंदेल, एपीआरओ शिमला अजय बन्याल, डीआई किशोर कुमार और भूपेश शर्मा विशेष अतिथि रहे। हिम टीवी मीडिया के निदेशक और हिमाचल गॉट टैलेंट के प्रमुख डॉ. नरेश कौडल वीआईपी अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
इसके अलावा निशा चौहान, अनु भुनाल, सुनीता डोगरा, अनिशा भारद्वाज सहित गेयटी के स्टाफ और आयोजन टीम के सदस्य मौजूद रहे। मंच संचालन संजय कुमार उर्फ फौजी भाई और मीशल ने किया।
लोक नृत्य के विजेता
किड्स वर्ग:
प्रथम- दिव्यांशी, द्वितीय- समायरा, तृतीय- आश्वी
जूनियर वर्ग:
प्रथम- निष्ठा, द्वितीय- सूर्यांश, तृतीय- मनीष
सीनियर वर्ग:
प्रथम- ईशल, द्वितीय- हेतल, तृतीय- इशिका, पंचम- ऐन्जल
ओपन सीनियर वर्ग-1 (20 से 35 वर्ष):
प्रथम- नीलाक्षी, द्वितीय- गीता, तृतीय- चांदनी, चतुर्थ- सिमरन, पंचम- प्रिया
ओपन वर्ग-2 (35 से 50 वर्ष):
प्रथम- सीमा कश्यप, द्वितीय- रणजीत
शास्त्रीय नृत्य में इन प्रतिभाओं ने मारी बाजी
किड्स वर्ग:
प्रथम- तेजल, द्वितीय- वृधी, तृतीय- अंशिका
जूनियर वर्ग:
प्रथम- सोनाक्षी, द्वितीय- एरिन, तृतीय- आहना
सीनियर वर्ग:
प्रथम- रोहिणी, द्वितीय- दीक्षिता
ओपन वर्ग:
प्रथम- प्रियंका
किड्स वर्ग:
प्रथम- दिव्यांशी, द्वितीय- समायरा, तृतीय- आश्वी
जूनियर वर्ग:
प्रथम- निष्ठा, द्वितीय- सूर्यांश, तृतीय- मनीष
सीनियर वर्ग:
प्रथम- ईशल, द्वितीय- हेतल, तृतीय- इशिका, पंचम- ऐन्जल
ओपन सीनियर वर्ग-1 (20 से 35 वर्ष):
प्रथम- नीलाक्षी, द्वितीय- गीता, तृतीय- चांदनी, चतुर्थ- सिमरन, पंचम- प्रिया
ओपन वर्ग-2 (35 से 50 वर्ष):
प्रथम- सीमा कश्यप, द्वितीय- रणजीत
शास्त्रीय नृत्य में इन प्रतिभाओं ने मारी बाजी
किड्स वर्ग:
प्रथम- तेजल, द्वितीय- वृधी, तृतीय- अंशिका
जूनियर वर्ग:
प्रथम- सोनाक्षी, द्वितीय- एरिन, तृतीय- आहना
सीनियर वर्ग:
प्रथम- रोहिणी, द्वितीय- दीक्षिता
ओपन वर्ग:
प्रथम- प्रियंका
लिटिल स्टार जतिन को मिला ‘स्टार मास्टर’ खिताब
कार्यक्रम में लिटिल स्टार मास्टर जतिन शर्मा की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। मंच पर उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें ‘स्टार मास्टर’ के खिताब से सम्मानित किया गया। आयोजन की सफलता में मंच के सदस्य अंकुश ओलटा का भी योगदान रहा। उन्होंने दोनों दिन कार्यक्रम की फोटोग्राफी कर आयोजन के यादगार पलों को कैमरे में कैद किया।
ऑनलाइन ऑडिशन से भी चुनी गईं प्रतिभाएं
आयोजकों के अनुसार ‘हुनरबाज हिमाचल सीजन-8’ के लिए ऑनलाइन ऑडिशन भी करवाए गए थे। इनके माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से प्रतिभाओं का चयन किया गया। इसके अलावा शोघी में आयोजित नृत्य कला उत्सव से करीब 18 प्रतिभागियों का चयन किया गया था।
देव भूमि हिम कला मंच के संस्थापक देवेंद्र कुमार ने कहा कि संस्था का उद्देश्य हिमाचली लोक एवं शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा देना, लोक संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और कलाकारों को बेहतर मंच उपलब्ध करवाना है।
उन्होंने कहा कि मंच करीब 10 वर्षों से सांस्कृतिक और प्रतिभा आधारित आयोजनों के माध्यम से बच्चों, युवाओं और कलाकारों को अवसर देता आ रहा है। भविष्य में भी हिमाचली लोक संस्कृति, नृत्य, संगीत और अन्य कलाओं को बढ़ावा देने के साथ उभरती प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे।
कार्यक्रम में लिटिल स्टार मास्टर जतिन शर्मा की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। मंच पर उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें ‘स्टार मास्टर’ के खिताब से सम्मानित किया गया। आयोजन की सफलता में मंच के सदस्य अंकुश ओलटा का भी योगदान रहा। उन्होंने दोनों दिन कार्यक्रम की फोटोग्राफी कर आयोजन के यादगार पलों को कैमरे में कैद किया।
ऑनलाइन ऑडिशन से भी चुनी गईं प्रतिभाएं
आयोजकों के अनुसार ‘हुनरबाज हिमाचल सीजन-8’ के लिए ऑनलाइन ऑडिशन भी करवाए गए थे। इनके माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से प्रतिभाओं का चयन किया गया। इसके अलावा शोघी में आयोजित नृत्य कला उत्सव से करीब 18 प्रतिभागियों का चयन किया गया था।
देव भूमि हिम कला मंच के संस्थापक देवेंद्र कुमार ने कहा कि संस्था का उद्देश्य हिमाचली लोक एवं शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा देना, लोक संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और कलाकारों को बेहतर मंच उपलब्ध करवाना है।
उन्होंने कहा कि मंच करीब 10 वर्षों से सांस्कृतिक और प्रतिभा आधारित आयोजनों के माध्यम से बच्चों, युवाओं और कलाकारों को अवसर देता आ रहा है। भविष्य में भी हिमाचली लोक संस्कृति, नृत्य, संगीत और अन्य कलाओं को बढ़ावा देने के साथ उभरती प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे।