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सिरमौर: पद्मश्री की घोषणा के तीन दिन बाद बाबा इकबाल सिंह का देहांत

Sat, 29 Jan 2022 08:37 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, राजगढ़ (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, राजगढ़ (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Sat, 29 Jan 2022 08:37 PM IST
सार

शिरोमणि पंथ रतन बाबा इकबाल सिंह किंगरा का निधन हो गया। उन्होंने शनिवार दोपहर सवा दो बजे अपनी कर्मभूमि बडू साहिब में अंतिम सांस ली। हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक पद से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने वर्ष 1982 में कलगीधर ट्रस्ट बडू साहिब की स्थापना की। 

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Sirmaur: Baba Iqbal Singh died three days after the announcement of Padma Shri
बाबा इकबाल सिंह का देहांत - फोटो : संवाद

विस्तार

पद्मश्री पुरस्कारों की घोषणा के चार दिन बाद शिरोमणि पंथ रतन बाबा इकबाल सिंह किंगरा का निधन हो गया। उन्होंने शनिवार दोपहर सवा दो बजे अपनी कर्मभूमि बडू साहिब में अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को गुरुद्वारा बडू साहिब के साथ हाल में रखा गया है। अस्वस्थ होने के कारण वह चंडीगढ़ के फोर्टिस अस्पताल में एक माह से उपचाराधीन थे। गत रोज उन्हें अस्पताल से बडू साहिब लाया गया, जहां शनिवार को उन्होंने प्राण त्याग दिए। उनकी इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार बडू साहिब में हो। 96 वर्षीय बाबा इकबाल सिंह ने एक संत का जीवन जीया। उन्होंने विवाह नहीं किया और सिख पंथ की सेवा के लिए कार्य करते रहे। हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक पद से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने वर्ष 1982 में कलगीधर ट्रस्ट बडू साहिब की स्थापना की।

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उन्होंने वर्ष 1986 में एक कमरे में मात्र पांच विद्यार्थियों को लेकर अकाल अकादमी प्रारंभ की। आज ट्रस्ट की देशभर में 129 अकाल अकादमियां व दो विश्वविद्यालय हैं, जिनमें करीब 70 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उनका जन्म 1 मई 1926 को पिता सनवाल सिंह व माता गुलाब कौर के घर गुरदासपुर (पंजाब) में हुआ। उन्होंने कृषि विज्ञान में स्नातक और कृषि विज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। निदेशक पद से सेवानिवृत्त के बाद बडू साहिब में स्थायी निवास किया। उन्होंने 2008 में बडू साहिब में इटरनल विश्वविद्यालय और 2015 में पंजाब के दमदमा साहिब में अकाल विश्वविद्यालय की स्थापना की।

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ये पुरस्कार भी मिले

बाबा इकबाल सिंह को डॉ. एस राधाकृष्णन मेमोरियल नेशनल अवार्ड (2006), न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली 2014 सिख लाइफटाइम अचीवमेंट्स अवार्ड, यूके 2016, लिविंग लीजेंड लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2018, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से एक अंतरराष्ट्रीय पंजाबी के तौर पर विशेष पुरस्कार, तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब द्वारा शिरोमणि पंथ रतन का विशेष पुरस्कार से (सिख समुदाय का अनमोल रत्न) भी सम्मानित किया गया था।

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पदमश्री की जानकारी थी, भाग्य को कुछ और ही मंजूर था: काकावीर

कलगीधर ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य जगजीत सिंह उर्फ काकावीर ने बताया कि उन्हें पद्मश्री पुरस्कार दिए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन भाग्य को कुछ ओर मंजूर था और वह इस सम्मान को स्वयं नहीं ले पाए। उन्हें जीते जी देश के इस सम्मान की जानकारी मिलना भी सौभाग्य की बात है। काकावीर ने बताया कि बाबा इकबाल सिंह की इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार उनकी तपोभूमि व कर्मभूमि बडू साहिब में किया जाए। रविवार को उनके अंतिम संस्कार में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, अकाल तख्त साहब, पटना साहिब, केशगढ़ साहब आदि से संगतें और स्थानीय लोग हजारों की संख्या में कोविड नियमों का पालन करते हुए शामिल होंगे और उनके अंतिम दर्शन करेंगे।

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