Shrikhand Mahadev Yatra: 250 रुपये होगी पंजीकरण फीस, जानें यात्रियों के लिए जरूरी हिदायतें
एसडीएम निरमंड और श्रीखंड ट्रस्ट समिति के उपाध्यक्ष मनमोहन सिंह ने बताया कि 32 किलोमीटर की पैदल श्रीखंड महादेव यात्रा को पांच सेक्टरों में बांटा है। इसमें करीब सौ से अधिक कर्मचारियों के साथ रेस्क्यू टीम को तैनात किया जाएगा।
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सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा जहां यात्रियों को रोमांच से भरती है वहीं महादेव के दीदार के लिए बेहद मुश्किल और जोखिमभरी 32 किलोमीटर की खड़ी पैदल चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। इस वर्ष प्रशासन कर देखरेख में श्रीखंड महादेव यात्रा 7 से 20 जुलाई तक होगी। इसके बाद कोई भी श्रद्धालु यात्रा पर नहीं जा पाएगा। 18,570 फीट ऊंचाई पर बसे श्रीखंड महादेव तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 32 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई चढ़नी पड़ती है।
श्रद्धालुओं को संकरे रास्ते से बर्फ के ग्लेशियरों को भी पार करना होता है। यात्रा में ऊंचाई वाले कई ऐसे स्थान आते हैं जहां ऑक्सीजन बेहद कम है। इससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पार्वतीबाग से आगे ऐसे कुछ क्षेत्र हैं जहां कुछ श्रद्धालुओं को ऑक्सीजन की कमी से भारी दिक्कत होती है। यदि ऐसी स्थिति में यदि श्रद्धालुओं को समय पर उपचार नहीं मिलता या वापस नीचे नहीं लाया जाता तो इससे जान का भी खतरा बन जाता है।
श्रीखंड ट्रस्ट समिति और जिला प्रशासन श्रीखंड महादेव यात्रा को सुलभ बनाने के लिए नौ साल से काम कर रहा है। एसडीएम निरमंड और श्रीखंड ट्रस्ट समिति के उपाध्यक्ष मनमोहन सिंह ने बताया कि 32 किलोमीटर की पैदल श्रीखंड महादेव यात्रा को पांच सेक्टरों में बांटा है। इसमें करीब सौ से अधिक कर्मचारियों के साथ रेस्क्यू टीम को तैनात किया जाएगा।
पहले बेस कैंप सिंघगाड में करीब 40 कर्मचारी तैनात होंगे। यहां रोजाना सुबह 5 से शाम 7 बजे तक श्रद्धालुओं के ऑनलाइन पंजीकरण के साथ फिटनेस जांचा जाएगा। यहां से शाम 4 बजे तक ही श्रद्धालुओं का जत्था यात्रा के लिए रवाना किया जाएगा। शाम चार बजे के बाद किसी भी श्रद्धालु को सिंघगाड से जाने की अनुमति नहीं होगी। फिटनेस वाले श्रद्धालुओं को यहां से आगे यात्रा में भाग लेने की अनुमति होगी। सिंघगाड में सेक्टर मजिस्ट्रेट, डॉक्टर की टीम के साथ 40 कर्मचारी तैनात रहेंगे।
दूसरे बेसकैंप थाचडू
यहां मेडिकल, रेस्क्यू दल, पुलिस, राजस्व, सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत करीब 20 लोग कर्मचारी तैनात रहेंगे। यहां पर आपात सेवाओं के अलावा श्रीखंड जा रहे सभी यात्रियों को चेक किया जाएगा। बिना पंजीकरण या चोरी छिपे जा रहे यात्रियों को वापस भेजा जाएगा।
तीसरे बेसकैंप कुनशा
यहां 20 कर्मचारियों की टीम तैनात होगी। यहां रेस्क्यू, कानून और आपात सेवाएं मिलेंगी। यहां से कर्मचारी मौसम के अनुकूल होने पर ही श्रद्धालुओं को आगे भेजने या रोकने के निर्णय लेंगे।
चौथा बेस कैंप भीमडवारी
यहां भी 20 कर्मचारी तैनात रहेंगे। वे आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार रहेंगे।
पांचवां बेस कैंप पार्वतीबाग
यहां करीब 30 कर्मचारी तैनात होंगे। इसमें पहली बार अटल बिहारी पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान मनाली रेस्क्यू टीम के 16 पुलिस के चार जवान, डॉक्टरों की टीम और सेक्टर मजिस्ट्रेट शामिल रहेंगे। पार्वतीबाग से ऊपर कोई भी श्रद्धालु दोपहर 12 बजे के बाद यात्रा नहीं कर सकेगा। इस बार आनलाइन पंजीकरण के लिए 250 रुपये फीस देनी होगी। इस बार रास्तों में ज्यादा ग्लेशियर हैं। प्रशासन की टीम निर्धारित यात्रा से पहले तैनात नहीं रहेगी इसलिए कोई भी जान को जोखिम में डालकर शेड्यूल से पहले या बाद में यात्रा न करे।मनमोहन सिंह, एसडीएम, निरमंड
यात्रियों के लिए हिदायतें
2014 से श्रीखंड यात्रा के दौरान सेवाएं दे रहे डॉक्टर यशपाल राणा ने बताया कि पार्वतीबाग से ऊपर कुछ यात्रियों को ऑक्सीजन की कमी के चलते तबीयत बिगड़ने लगती है। उन्होंने कहा कि यात्री को जब ऑक्सीजन की कमी महसूस हो, ज्यादा सांस फूले, सिरदर्द हो, चढ़ाई न चढ़ पाए, उल्टी की शिकायत, धुंधला दिखे, चक्कर आए तो यात्री तुरंत आराम करें। नीचे उतरकर बेसकैंप में चिकित्सक से संपर्क करें। अपने साथ यात्री पक्का डंडा, ग्रिप वाले जूते, बरसाती छाता, सूखे मेवे, गर्म कपड़े, टॉर्च, ग्लूकोज जैसा सामान रखे।