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श्रावण अष्टमी मेले: शक्तिपीठों में पहले दिन 34,000 श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
Thu, 17 Aug 2023 11:06 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला/ चिंतपूर्णी/बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला/ चिंतपूर्णी/बिलासपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 17 Aug 2023 11:06 PM IST
सार
छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी, नयनादेवी, बज्रेश्वरी देवी, ज्वालामुखी और चामुंडा देवी के दरबार में शाम तक करीब 34,000 श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
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शक्तिपीठों में 34,000 श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हिमाचल की शक्तिपीठों में कंजक पूजन के साथ गुरुवार से श्रावण अष्टमी मेले शुरू हो गए। छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी, नयनादेवी, बज्रेश्वरी देवी, ज्वालामुखी और चामुंडा देवी के दरबार में शाम तक करीब 34,000 श्रद्धालुओं ने माथा टेका। हालांकि, खराब मौसम की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। मां चिंतपूर्णी के कपाट सुबह 3 बजे खुल गए थे। वीरवार शाम छह बजे तक करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र पिंडिंयों के दर्शन किए। सुगम दर्शन के लिए 170 और बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए 329 पास जारी किए गए थे।
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श्रावण अष्टमी मेले 25 अगस्त तक चलेंगे। प्रशासन ने मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। उधर, ज्वालामुखी मंदिर में वीरवार सुबह 5 बजे श्रद्धालु पवित्र ज्योतियों के दर्शन करने के लिए पहुंच गए थे। मुख्य मंदिर मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। मंदिर के अंदर नारियल और ढोल-नगाड़े ले जाने पर प्रतिबंध रहा। मंदिर में 5,000 श्रद्धालुओं ने माथा टेका। दिन में पांच बार आरती की गई। इसमें मालपूआ, खोया और मिश्री का प्रसाद चढ़ाया गया। बज्रेश्वरी मंदिर में दो हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
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सुबह पांच बजे मंदिर के कपाट खोल दिए गए थे। दिनभर श्रद्धालु मां के दर्शन करने के लिए आते रहे। वहीं, श्री चामुंडा देवी में भी करीब दो हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। पहाड़ी वाले इलाकों में भूस्खलन को लेकर भी नजर रखी जा रही है। श्री नयना देवी जी शक्तिपीठ में पहले दिन मंदिर में 15 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
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