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Shimla News: कोर एरिया में महंगी मिलेंगी दुकानें एकमुश्त देना होगा लंबित किराया
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नगर निगम की वित्त संविदा एवं योजना समिति की बैठक में वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी के प्रस्ताव पर चर्चा, कुछ और सुझाव होंगे शामिल
अब 99 वर्ष की लीज पर दी जाएंगी दुकानें
किराये के लिए तीन जोन में बांटा है शहर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में नगर निगम की दुकानें चला रहे सैकड़ों कारोबारियों को राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी 2026 तैयार कर ली है। यह पॉलिसी उन दुकानों पर ही लागू होगी जिनकी लीज पर विवाद है। इसके अनुसार दुकानें अब वर्तमान कारोबारियों के नाम होंगी। इन्हें 99 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा। कोर एरिया में अब सबसे महंगी दुकानें मिलेंगी तथा लंबित किराया भी एकमुश्त देना होगा। इस जोन में दुकान का किराया 800 रुपये प्रति वर्ग फीट रहेगा
महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई वित्त संविदा एवं योजना समिति की बैठक में इस पॉलिसी के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि पॉलिसी तैयार है लेकिन इसमें कुछ नए सुझाव भी आए हैं जिन्हें शामिल किया जा सकता है। हरियाणा की वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी भी बैठक में पेश की गई। महापौर ने निर्देश दिए कि इसका अध्ययन किया जाए। इसके बाद विस्तृत रूप देकर अगले महीने होने वाली समिति की बैठक में इसे पेश किया जाए। निगम अगले महीने इसे मंजूरी दे देगा। निगम की ओर से तैयार प्रस्ताव के अनुसार अब लीज की अवधि 99 साल होगी। इसमें जिन दुकानों की लीज खत्म हो चुकी है, रिन्यू नहीं है, पारिवारिक बंटवारे के बाद लीज डीड होनी है या लीज ट्रांसफर होनी है, वह कारोबारी इस पॉलिसी के तहत आवेदन कर पाएंगे। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद निगम इसकी प्रक्रिया शुरू करेगा। छह महीने तक यह पॉलिसी लागू होगी। इस समयावधि में आवेदन करने वाले को ही इसका लाभ मिलेगा। जिन दुकानों की लीज पर कोई विवाद नहीं है, वह इस नीति के दायरे में नहीं आएंगी।
यह है पॉलिसी की खासियत
वर्तमान मार्किट वैल्यू के आधार पर तय होगा किराया
पुराना लंबित किराया, कूड़ा शुल्क, टैक्स जमा करने पर ही मिलेगी मंजूरी
नगर निगम की 1300 संपत्तियों पर लागू होगी नई नीति
सेटलमेंट राशि का करना होगा एकमुश्त भुगतान, नहीं मिलेगी किस्तों की सुविधा
बैंक ड्राफ्ट, ऑनलाइन भुगतान की मिलेगी सुविधा, कैश से भुगतान नहीं
किराये के लिए तीन जोन में बांटा शहर, कोर एरिया सबसे महंगा
जोन एक
जोन में किराया सबसे ज्यादा 800 रुपये प्रति वर्ग फीट रहेगा। इसमें रिज, मालरोड, लोअर बाजार, रामबाजार, लक्कड़ बाजार, सब्जी मंडी, गंज, बस स्टैंड, संजौली, कार्टरोड शामिल है।
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जोन दो
इस जोन में दुकान का किराया 400 रुपये प्रति वर्ग फीट रहेगा। इसमें ऑकलैंड, छोटा शिमला, ढली, बालूगंज, खलीनी, समरहिल, जाखू, टुटीकंडी, न्यू शिमला, अनाडेल और कैथू में बनी दुकानें शामिल हैं।
जोन तीन
इस जोन में सबसे कम 200 रुपये प्रति वर्ग फीट किराया रहेगा। इसमें टुटू, कसुम्पटी, पंथाघाटी, मशोबरा, नाभा, कनलोग, रुल्दूभट्ठा, भराड़ी, मज्याठ, कच्चीघाटी, मल्याणा, विकासनगर और पटयोग वार्ड की दुकानें शामिल हैं।
इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
नगर निगम आईजीएमसी नाले के पास बनी पार्किंग में अपना पेट्रोल पंप स्थापित करेगा। यहां 27.23 लाख रुपये से डंगा लगाकर साइट तैयार होगी। इंडियन ऑयल के जरिये निगम यह पंप चलाएगा। इससे निगम को सालाना 18.57 लाख रुपये किराया मिलेगा। समिति ने शकरोड़ी में महिला मंडल भवन के निर्माण के लिए एनओसी देने, विक्ट्री टनल के पास एलईडी होर्डिंग्स का आवंटन कंपनी को करने को भी मंजूरी दी है। केएनएच के पास सूद सभा की मदद से सराय भवन और गेस्ट हाउस बनाने को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई।
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अब 99 वर्ष की लीज पर दी जाएंगी दुकानें
किराये के लिए तीन जोन में बांटा है शहर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में नगर निगम की दुकानें चला रहे सैकड़ों कारोबारियों को राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी 2026 तैयार कर ली है। यह पॉलिसी उन दुकानों पर ही लागू होगी जिनकी लीज पर विवाद है। इसके अनुसार दुकानें अब वर्तमान कारोबारियों के नाम होंगी। इन्हें 99 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा। कोर एरिया में अब सबसे महंगी दुकानें मिलेंगी तथा लंबित किराया भी एकमुश्त देना होगा। इस जोन में दुकान का किराया 800 रुपये प्रति वर्ग फीट रहेगा
महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को हुई वित्त संविदा एवं योजना समिति की बैठक में इस पॉलिसी के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि पॉलिसी तैयार है लेकिन इसमें कुछ नए सुझाव भी आए हैं जिन्हें शामिल किया जा सकता है। हरियाणा की वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी भी बैठक में पेश की गई। महापौर ने निर्देश दिए कि इसका अध्ययन किया जाए। इसके बाद विस्तृत रूप देकर अगले महीने होने वाली समिति की बैठक में इसे पेश किया जाए। निगम अगले महीने इसे मंजूरी दे देगा। निगम की ओर से तैयार प्रस्ताव के अनुसार अब लीज की अवधि 99 साल होगी। इसमें जिन दुकानों की लीज खत्म हो चुकी है, रिन्यू नहीं है, पारिवारिक बंटवारे के बाद लीज डीड होनी है या लीज ट्रांसफर होनी है, वह कारोबारी इस पॉलिसी के तहत आवेदन कर पाएंगे। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद निगम इसकी प्रक्रिया शुरू करेगा। छह महीने तक यह पॉलिसी लागू होगी। इस समयावधि में आवेदन करने वाले को ही इसका लाभ मिलेगा। जिन दुकानों की लीज पर कोई विवाद नहीं है, वह इस नीति के दायरे में नहीं आएंगी।
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यह है पॉलिसी की खासियत
वर्तमान मार्किट वैल्यू के आधार पर तय होगा किराया
पुराना लंबित किराया, कूड़ा शुल्क, टैक्स जमा करने पर ही मिलेगी मंजूरी
नगर निगम की 1300 संपत्तियों पर लागू होगी नई नीति
सेटलमेंट राशि का करना होगा एकमुश्त भुगतान, नहीं मिलेगी किस्तों की सुविधा
बैंक ड्राफ्ट, ऑनलाइन भुगतान की मिलेगी सुविधा, कैश से भुगतान नहीं
किराये के लिए तीन जोन में बांटा शहर, कोर एरिया सबसे महंगा
जोन एक
जोन में किराया सबसे ज्यादा 800 रुपये प्रति वर्ग फीट रहेगा। इसमें रिज, मालरोड, लोअर बाजार, रामबाजार, लक्कड़ बाजार, सब्जी मंडी, गंज, बस स्टैंड, संजौली, कार्टरोड शामिल है।
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जोन दो
इस जोन में दुकान का किराया 400 रुपये प्रति वर्ग फीट रहेगा। इसमें ऑकलैंड, छोटा शिमला, ढली, बालूगंज, खलीनी, समरहिल, जाखू, टुटीकंडी, न्यू शिमला, अनाडेल और कैथू में बनी दुकानें शामिल हैं।
जोन तीन
इस जोन में सबसे कम 200 रुपये प्रति वर्ग फीट किराया रहेगा। इसमें टुटू, कसुम्पटी, पंथाघाटी, मशोबरा, नाभा, कनलोग, रुल्दूभट्ठा, भराड़ी, मज्याठ, कच्चीघाटी, मल्याणा, विकासनगर और पटयोग वार्ड की दुकानें शामिल हैं।
इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
नगर निगम आईजीएमसी नाले के पास बनी पार्किंग में अपना पेट्रोल पंप स्थापित करेगा। यहां 27.23 लाख रुपये से डंगा लगाकर साइट तैयार होगी। इंडियन ऑयल के जरिये निगम यह पंप चलाएगा। इससे निगम को सालाना 18.57 लाख रुपये किराया मिलेगा। समिति ने शकरोड़ी में महिला मंडल भवन के निर्माण के लिए एनओसी देने, विक्ट्री टनल के पास एलईडी होर्डिंग्स का आवंटन कंपनी को करने को भी मंजूरी दी है। केएनएच के पास सूद सभा की मदद से सराय भवन और गेस्ट हाउस बनाने को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई।