जांच में हुआ खुलासा, इसलिए हुआ था शोंगटोंग हादसा
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हिमाचल के जिला किन्नौर में शोंगटोंग हादसा गलत वायर जुड़ने से हुआ। प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। जांच में मृतक फोरमैन की गलती सामने आई है। कॉरपोरेशन ने इस घटना को मानवीय गलती बताया है। निगम के प्रबंध निदेशक डीके शर्मा ने फोरमैन को अनुभवी बताते हुए तार जोड़ने में गलत जजमेंट लगने को हादसे का कारण बताया है।
बताया कि निजी कंपनी को भविष्य में और अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कॉरपोरेशन ने शोंगटोंग हादसे की जांच को कमेटी गठित की थी। सुंदरनगर ऑफिस से अतिरिक्त महाप्रबंधक अजय कुमार और सेफ्टी मैनेजर राजकुमार को किन्नौर भेजा गया था। दोनों अधिकारियों ने टीम के साथ मौके का मुआयना कर निगम प्रबंधन को रिपोर्ट सौंपी।
जांच टीम ने दी है ये रिपोर्ट
जांच रिपोर्ट के अनुसार ब्लास्टिंग से पहले ड्रिलिंग की जाती है। इसके बाद कनेक्शन दिए जाते हैं। जब फोरमैन कनेक्शन दे रहा था तो जजमेंट नहीं होने के चलते गलत वायर जुड़ गई। इससे बड़ा हादसा हो गया। रिपोर्ट में मृतक फोरमैन के अनुभव का भी उल्लेख किया गया है। घटना को ह्यूमन ऐरर का नाम दिया गया है।
29 नवंबर की सुबह किन्नौर में निर्माणाधीन कड़छम शोंगटोंग विद्युत परियोजना में टेस्टिंग के दौरान विस्फोट हो गया था। हादसे में 2 लोगों की मौत जबकि पांच लोग घायल हो गए। प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के 450 मेगावाट के प्रोजेक्ट की टनल की खुदाई के दौरान जिलेटिन फटने से ये हादसा हुआ। हादसे में फोरमैन शशि कुमार निवासी केरल और राम कुमार निवासी रामपुर, शिमला की मौत हो गई।