शिमला: घर के आंगन से दो साल की बच्ची को उठाकर ले गया लावारिस कुत्ता, नोचकर किया लहूलुहान; IGMC में चल रहा इलाज
शिमला के रुल्दूभट्ठा वार्ड के शांकली क्षेत्र में रविवार शाम घर के आंगन में खेल रही दो साल की बच्ची पर लावारिस कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ता बच्ची को काटते और नोचते हुए करीब 25 मीटर दूर तक ले गया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कुत्ते को घेरकर बच्ची को छुड़ाया। पढ़ें पूरी खबर...
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राजधानी के रुल्दूभट्ठा वार्ड के शांकली क्षेत्र में रविवार शाम घर के आंगन में खेल रही दो साल की मासूम बच्ची को लावारिस कुत्ता उठाकर ले गया। नोचते हुए यह कुत्ता बच्ची को घर से करीब 25 मीटर दूर ले गया। पड़ोसियों और लोगों ने कुत्ते को घेरकर किसी तरह बच्ची को छुड़ाया। लहूलुहान हालत में बच्ची को आईजीएमसी ले जाया गया। यहां आपातकालीन वार्ड में अब बच्ची का उपचार चल रहा है।
कुत्ते के काटने से बच्ची के मुंह, पीठ, टांगों समेत कई जगहों पर गहरे घाव हैं। लोअर बाजार के कारोबारी करनैल सिंह ने बताया कि शांकली में उनके भतीजे रमनदीप सिंह का मकान है। रमनदीप सिंह की दो साल की बेटी रविवार शाम करीब 4:00 बजे घर के आंगन में खेल रही थी। खेलते-खेलते घर के गेट के पास पहुंच गई।
अचानक यहां से गुजर रहे एक लावारिस कुत्ते ने काट लिया और घसीटते हुए साथ लगते जंगल की ओर ले जाने लगा। पड़ोसियों ने जैसे ही बच्ची के चिल्लाने की आवाजें सुनीं तो बाहर निकल आए। घर से करीब 25 मीटर दूर कुत्ते को घेरकर बच्ची को किसी तरह लोगों ने इसके चंगुल से बचाया। अभिभावक बच्ची को आईजीएमसी ले गए जहां आपातकालीन वार्ड में उपचार चल रहा है। कारोबारी करनैल सिंह ने बताया कि इलाके में लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है। कई लोगों को कुत्ते काट चुके हैं लेकिन नगर निगम इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
शहर में लावारिस कुत्तों के बच्चों पर हमला करने का यह पहला मामला नहीं है। 29 जून में खलीनी में लावारिस कुत्तों ने चौथी कक्षा में पढ़ने वाले कनिष्क को काट लिया था। 06 जून को विकासनगर में लावारिस कुत्तों के झुंड ने सात साल के बच्चे पर हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया था। ढली में दूसरी कक्षा के छात्र की टांग पर कुत्ते ने गहरे घाव कर दिए थे।
शहर में 3500 कुत्ते, हर माह काट रहे 150 लोगों को
राजधानी में लावारिस कुत्तों की संख्या 3500 से ज्यादा पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा नगर निगम के सर्वेक्षण में सामने आया है। हर महीने शिमला शहर में कुत्तों के काटने के 150 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। महिलाएं और बच्चे इनके ज्यादातर शिकार हो रहे हैं। शहर में 100 से ज्यादा हमलावर कुत्ते भी निगम ने चिह्नित किए थे, जो बार-बार लोगों को लहूलुहान कर रहे हैं। इन्हें नगर निगम न पकड़ रहा है और न ही सार्वजनिक स्थानों से हटा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद शिमला शहर में लावारिस कुत्तों को नहीं पकड़ा जा रहा है। नगर निगम अब इनकी नसबंदी तक नहीं कर रहा है।
शहर के मालरोड, सब्जी मंडी, टिंबर हाउस, लक्कड़ बाजार, लोअर बाजार, लोअर जाखू, यूएस क्लब, बीसीएस, न्यू शिमला, खलीनी, झंझीड़ी, विकासनगर, वीरखाना, हिमलैंड, संजौली बाजार, कसुम्पटी, मैहली, पंथाघाटी, मशोबरा और ढली में लावारिस कुत्तों का सबसे ज्यादा आतंक है। इन्हीं वार्डों में शहर के सबसे ज्यादा लावारिस कुत्ते हैं। लोगों को काटने के मामले भी इन्हीं इलाकों से सामने आ रहे हैं।
100 से ज्यादा हमलावर कुत्ते किए थे चिह्नित
शहर में 100 से ज्यादा हमलावर लावारिस कुत्ते भी नगर निगम ने चिह्नित किए थे, जो बार-बार लोगों को लहूलुहान कर रहे हैं। मालरोड से लेकर उपनगरों तक में ये कुत्ते आए दिन लोगों को काट रहे हैं। उधर, नगर निगम न तो इन्हें पकड़ रहा है और न ही सार्वजनिक स्थानों से हटा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद शिमला शहर में सार्वजनिक स्थानों से लावारिस कुत्तों को नहीं हटाया जा रहा है। हालत ऐसी है कि यहां कुत्तों की नसबंदी तक नहीं की जा रही है। पिछले कई महीने से यह काम बंद पड़ा है।
शहर में जो लावारिस कुत्ते बार-बार लोगों को काट रहे हैं, उन्हें जल्द पकड़ा जाएगा। इसके लिए नगर निगम अपने डॉग हट का विस्तार भी करने जा रहा है। आक्रामक कुत्तों को पकड़कर इन हट में रखा जाएगा। शहर में कुत्तों का आतंक काफी ज्यादा है लेकिन नियमों के चलते निगम इन पर ज्यादा कार्रवाई भी नहीं कर पा रहा है। अक्तूबर के पहले हफ्ते से ही कुत्तों का टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा। नसबंदी भी की जा रही है। -सुरेंद्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला