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शिमला रेप केस: एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से शिकंजे में फंसे पुलिस वाले

Fri, 01 Dec 2017 02:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 01 Dec 2017 02:29 PM IST
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Shimla rape murder case CBI and AIIMS post mortem report

गुड़िया मामले से जुड़े सूरज हत्याकांड में आईजी जहूर एच जैदी समेत आधा दर्जन से ज्यादा पुलिस वाले एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से नप गए। पुलिस वालों ने इस हत्याकांड में दर्ज एफआईआर में दावा किया कि हाथापाई के दौरान सूरज की मौत हो गई।

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आईजीएमसी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सूरज की मौत को स्पष्ट नहीं कर पाई। इसीलिए आईजीएमसी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सीबीआई ने विश्वास नहीं किया। छानबीन की जिम्मेवारी मिलते ही सीबीआई ने सबसे पहले शव को सुरक्षित रखने को कहा।
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इसके बाद नई दिल्ली से एम्स के डॉक्टरों का दल शिमला पहुंचा। इस दल ने नए सिरे से सूरज की बॉडी का पोस्टमार्टम किया। आईजीएमसी चिकित्सकों की रिपोर्ट में सूरज सिंह की मौत का कारण ट्रोमैटिक शॉक बताया गया।
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लेकिन एम्स के मेडिकल बोर्ड ने स्पष्ट किया कि सूरज की मौत पुलिस के डंडे, छड़ी जैसी किसी चीज के मारने से हुई है। 

एम्स के मेडिकल बोर्ड से सीबीआई के सवाल

Shimla rape murder case CBI and AIIMS post mortem report

1. सूरज की मौत का संभावित समय क्या था? 
मेडिकल बोर्ड - पहली ऑटोप्सी रिपोर्ट और पोस्टमार्टम फोटो पर गौर करें तो सूरज की मौत पहले पोस्टमार्टम से 18 घंटे पहले हुई। यह समय पहली रिपोर्ट में दिए गए मृत्यु के समय से मेल खाता है। 

2. मृतक के शरीर पर किस तरह के घाव पाए गए? 
मेडिकल बोर्ड - मृतक के पूरे शरीर पर बहुत सारे घाव थे, मांसपेशियों में बहुत गहरे तक खून रिसा हुआ था। 

3. मृतक के शरीर में चोटें आने और उसकी मृत्यु के बीच में कितनी अवधि रही?
मेडिकल बोर्ड : सभी घाव मरने से पहले के हैं। घाव की समयावधि को पहली ऑटोप्सी  के दौरान लिए गए फोटो को आधार बनाते हुए ही तय किया गया। इसमें यह निष्कर्ष निकाला गया कि यह घाव अलग-अलग समय में शरीर पर घटित हुए। इनकी अवधि मृत्यु से 2 दिन पहले से लेकर दो घंटे तक की है।  

क्या मृतक के शरीर पर जो घाव पाए गए, वह मौत के लिए काफी थे ?

Shimla rape murder case CBI and AIIMS post mortem report
सीबीआई टीम के एसपी एसएस गुरुम, डीएसपी सीमा पाहूजा, एएसपी आरके सेठी

4. क्या मृतक के शरीर पर जो घाव पाए गए, वह मौत के लिए काफी थे ?
मेडिकल बोर्ड : मृतक की पीठ, हिप, जांघों और टांगों में मांसपेशियों के बीच खून काफी गहरा फैला हुआ पाया गया। सूरज की मौत कई घावों के बाद शॉक से हुई। सामान्य स्थिति में मौत के लिए इस तरह के घाव काफी हैं। 

5. मृतक के शरीर पर चोटों और घावों का कारण क्या है ?
मेडिकल बोर्ड : मृतक की पीठ और हिप में गहरी चोटें पाई गईं जोकि किसी कुंद हथियार के मारने से लगी हैं। दाहनी जांघ पर यू आकार के घाव का निशान है, दोनों जांघों पर ट्राम ट्रैक की तरह घाव पाया गया। पैर के तलवे पर भी चोटों के गंभीर निशान हैं। ये घाव किसी कुंद, छड़ी आकार के सख्त वस्तु या हथियार से किए गए हैं। यह लाठी, रॉड या कुछ और भी हो सकता है।  

6. इस तथ्य को जानते हुए कि सूरज सिंह की मौत पुलिस हिरासत में हुई है, कोई और राय ?
मेडिकल बोर्ड : जिस तरह की चोटें सूरज सिंह पर की गई हैं, वह हिरासत में ही प्रताड़ना को पुष्ट करती हैं। हम इस संभावना से इनकार करते हैं कि सूरज सिंह की मौत हाथापाई में हुई है। 

ये थे मेडिकल बोर्ड में शामिल डाक्टर 
एम्स के प्रोफेसर डॉ. सुधीर के गुप्ता, डॉ. मिल्लो, डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. अंतारा देव वर्मा, डॉ. अर्जित डे।

सूरज की गर्दन पर था हरा और लाल रंग का टैटू 
169 सेंटीमीटर लंबे 70 किलो वजन वाला 29 वर्षीय सूरज सिंह हृष्ट पुष्ट था। पोस्टमार्टम में उसके दाहिने गर्दन पर ड्रेगन टैटू बना हुआ पाया गया जोकि हरा और लाल रंग में था। उसकी दाहिनी बाजू में हिंदी में सूरज लिखा हुआ था। उसने गोल गले की ग्रे टी-शर्ट और काला नाइलोन का लोअर पहन रखा था।

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