शिमला रेप केस: आरोपी की पत्नी को न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी
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बहुचर्चित गुड़िया प्रकरण में आरोपी बनाए गए नेपाल मूल के सूरज सिंह की कोटखाई थाने में हत्या के बाद बेसहारा हुई उसकी पत्नी और दो बच्चों को न्याय दिलाने के लिए मदद सेवा ट्रस्ट हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है। पति की हत्या के बाद से ममता और उसके बच्चे मशोबरा बाल आश्रम में रहने को मजबूर हैं।
सीबीआई की ओर से कोर्ट में दायर की गई चार्जशीट में सूरज समेत पुलिस की ओर से पकड़े गए सभी आरोपियों को निर्दोष बताया गया है। इसी आधार पर संस्था बेगुनाह परिवार को मुआवजे के लिए कोर्ट जा रही है। उधर, प्रदेश सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग भी मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे सीएम वीरभद्र सिंह के समक्ष रखने जा रहा है।
गुड़िया को इंसाफ दिलाने के लिए अनशन कर चुकी मदद सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष तनुजा थाप्टा ने बताया कि सूरज हत्याकांड का पर्दाफाश हो चुका है। सूरज की मौत पुलिस हिरासत में हुई है।
इसको आधार बनाकर संस्था मृतक सूरज की पत्नी को न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाएगी। चार्जशीट में स्पष्ट है कि गुनाह कबूल करवाने के लिए पुलिस ने सूरज को पीट-पीट कर मार डाला। संस्था इस मामले को लेकर वकीलों की राय ले रही है।
मौत के दो घंटे पहले तक पीटते रहे सूरज को
गुड़िया से दुराचार और हत्या मामले में पुलिस ने सूरज सिंह समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था। सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक पुलिस ने जबरन गुनाह कबूल कराने के लिए थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया।
सीबीआई के अनुसार पुलिस हिरासत में सूरज को दो दिन तक और मौत के दो घंटे पहले तक पीटा। एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी उसके तलवों में सूजन का जिक्र है।
मामला गंभीर है। मृतक सूरज की पत्नी को मुआवजा दिलाने को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से बात की जाएगी। शनिवार को शिमला आकर इस मसले में विभाग के अधिकारियों के साथ भी बैठक होगी। - धनीराम शांडिल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री