शिमला दुष्कर्म मामला: पीड़िता बोली, मुझे शुरू से ही हिमाचल पुलिस की जांच पर नहीं था भरोसा
राजधानी शिमला में छात्रा से दुष्कर्म मामला एक बार फिर उलझता जा रहा है। फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने बाद पीड़िता ने अमर उजाला से संपर्क कर कहा कि मुझे शुरू से ही हिमाचल पुलिस की जांच पर विश्वास नहीं है। पीड़िता ने कहा कि मैं झूठ क्यों कहूंगी? अगर मैंने कोई साजिश की है और झूठ कहा है तो पुलिस उसका साक्ष्य दें। वह अभी भी इस पर अडिग है कि उसके साथ ज्यादती हुई है। पीड़िता के पिता ने कहा कि एसआईटी क्या जांच रिपोर्ट देती है उसे देखकर अगला कदम उठाएंगे।
युवती से दुष्कर्म मामले की फोरेंसिक रिपोर्ट सोमवार को पुलिस को मिल गई है। पुलिस के मुताबिक जो दुष्कर्म के आरोप एफआईआर में लड़की ने लगाए थे वह फोरेंसिक जांच में मेल नहीं खा रहे हैं। इससे जाहिर है कि दुष्कर्म नहीं हुआ है। साथ ही जांच के दौरान ऐसा ठोस साक्ष्य नहीं मिला है जिससे साफ हो सके कि लड़की के साथ अपहरण और दुष्कर्म हुआ है। एसआईटी का कहना है कि लड़की ने यह सब उसने अपने दोस्त का इंटेंशन पाने के लिए किया।
युवती ने थाना ढली में दर्ज एफआईआर में कहा था कि उसके साथ चलती कार में एक व्यक्ति ने अपहरण कर दुष्कर्म किया। कार में कुल तीन लोग बैठे थे। इसके बाद उसे सड़क पर फेंक कर चले गए थे। इससे पहले ही उससे अनहोनी का अंदेशा हो गया था इसलिए वह लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी भी गई थी।एसआईटी का दावा है कि जब उन्होंने इस दिशा में जांच शुरू की तो लड़की उस जगह पैदल जाती दिख रही है जहां से वह अपहरण होने की बात कह रही है। जिस जगह पर वह दुष्कर्म की बात कह रही है वहां से उस समय 30 से 40 गाड़ियां निकलीं।
वहां एक व्यक्ति अपने परिवार के साथ पानी भरने आया था और करीब आधे घंटे वहां रहा। लड़की ने इस दौरान उनसे कोई मदद नहीं मांगी। घटना के समय लड़की का मोबाइल उसके पास होना भी एक बड़ा सवाल पैदा करता है। जबकि उसके कपड़े एक गाड़ी के नीचे रखे गए थे। एसआईटी का दावा है कि लड़की ने ब्लेड से खुद को चोटिल किया इस बात की पुष्टि फोरेंसिक जांच में हो चुकी है। एसआईटी का दावा है कि वह केवल दोस्त का इंटेंशन पाना चाहती थी कि अगर वास्तव में उसके साथ ऐसा कुछ हो जाए तो क्या दोस्त उसे बचाने आएगा या नहीं?
इसलिए लड़की ने यह सब किया। लेकिन एसआईटी की इस जांच थ्योरी में कुछ सवाल उठ रहे हैं अगर लड़की दोस्त की इंटेंशन ही चाहिए थी तो उसने गुड़िया हेल्पलाइन पर कॉल क्यों किया? इससे पहले लक्कड़ बाजार पुलिस चौकी क्यों गई? वस्त्र क्यों उतारे और मदद के लिए चिल्लाते हुए एक चश्मदीद से कैसे टकरा गई? ऐसे कई सवाल है जो इस केस को उलझा रहे हैं।
क्या कहते हैं एसआईटी प्रमुख
मामले की जांच कर रहे एसआईटी प्रमुख प्रवीर ठाकुर ने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट से स्पष्ट है कि युवती ने एफआईआर में जो अज्ञात के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप लगाए थे वह साबित नहीं हुए हैं। मेडिकल रिपोर्ट आ गई है उससे भी जाहिर हो रहा कि जिस दिन युवती खुद के साथ दुष्कर्म की बात कह रही है उस दिन उसके साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है। इसके अलावा ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि लड़की का अपहरण हुआ हो और चलती कार में उसके साथ दुष्कर्म हुआ हो। एसआईटी हर पहलू पर जांच कर रही है।
जांच में न युवती से दुष्कर्म हुआ और न ही अपहरण : डीजीपी
मिनी सचिवालय सोलन में आपराधिक मामलों पर आयोजित बैठक में डीजीपी एसआर मरडी ने पहली बार शिमला में युवती से दुष्कर्म मामले में पुलिस जांच को सामने रखा। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट में युवती से दुष्कर्म के कोई भी सबूत नहीं मिले हैं।
न ही जांच में अपहरण के कोई साक्ष्य मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लड़की के बयान मौजूदा हालात से मेल नहीं खा रहे हैं। चर्चा में रहने के लिए लड़की पहले भी इस तरह के आरोप और बयान दे चुकी है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है उसके बाद सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
बैठक में डीजीपी ने कहा कि सेंटर फॉर स्टडी डेवलपमेंट सर्वे के अनुसार पुलिस पर विश्वास में हिमाचल पुलिस प्रथम स्थान पर आई है। पुलिस उच्चाधिकारियों पर विश्वास में भी पुलिस को दूसरा स्थान मिला है। बैठक में पांच जिला सोलन, शिमला, किन्नौर, बद्दी, सिरमौर के एसपी, डीएसपी, एसएचओ सहित अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
डीजीपी मरडी ने कहा कि पूरे साल में तीन किलो हेरोइन और 115 किलो चरस को पकड़ने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अपहरण के मामलों में कमी आई है। पांवटा साहिब से 45 हजार डेमाड्रोल के कैप्सूल पकड़े हैं। पांच जिलों में पिछले वर्ष हत्या के 31 मामले थे जबकि 16 केस दर्ज हैं।
वहीं हत्या के प्रयास के पिछले वर्ष 14 मामले थे। जो इस वर्ष बढ़कर 16 तक पहुंच चुके हैं। चोरी के मामलों में गिरावट आई है। बलात्कार के मामले भी कम हुए हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने बताया कि अब ई-चालान को शुरू करेगी जिसमें दो से अधिक बार चालान होने पर तीसरी बार लाइसेंस को रद्द किया जाएगा।