यहां भोले शंकर ने पकड़वाया कार चोर गिरोह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला शहर में एक शातिर कार चोर गिरोह का भंडाफोड़ हो गया है। यह गिरोह चोरी की कार को दूसरे राज्यों में सप्लाई न कर शिमला में ही ठिकाने लगा रहा था। संजौली हाउसिंग बोर्ड कालोनी में शातिरों ने ठिकाना बना रखा है।
यहां चोरी की कार पहुंचते ही उसे एक घंटे के भीतर काटछांट कर अलग कर दिया जाता और उसके बाद कार के पुर्जे अलग कर पैक कर दिए जाते। ऐसे में पकड़े जाने का डर न के बराबर रहता। इस तरह की करामात इससे पहले दूसरे राज्यों के शातिर ही करते रहे हैं।
यह पहला मामला है जिसका खुलासा शिमला शहर की स्मार्ट पुलिस ने किया है। पुलिस इस गैंग को पकड़ने में कामयाब हुई। मगर इसके पीछे जय भोले शंकर की मदद सबसे ज्यादा काम आई।
ऐसे पकड़ा गया गिरोह
पुलिस ने कार चोरी के मामले में एक कबाड़ी अब्दुल मजीद और डेंटर आसिफ को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी अनंतनाग जम्मू कश्मीर के रहने वाले हैं। कबाड़ी का काम करने वाला आरोपी अब्दुल मजीर बीते दस साल से संजौली हाउसिंग बोर्ड में काम कर रहा है।
आसिफ जवाहर कालोनी ढली में डेंटर का काम करता है। पुलिस के मुताबिक, सुदेश कुमार निवासी ननखड़ी रामपुर ने आठ फरवरी को कार ढली इलाके में खड़ी की। अगली सुबह जब सुदेश कुमार आया तो कार गायब थी। वह कार चोरी की शिकायत लेकर ढली पुलिस के पास पहुंचे।
कार की तलाश शुरू हुई। इस दौरान शिकायतकर्ता के साथ पुलिस हाउसिंग बोर्ड कालोनी पहुंची। यहां अचानक सुदेश की नजर बिखरे सामान पर पड़ी। उसे संदेह हुआ कि यहीं उसकी कार कहीं छिपा रखी है। इसके बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की तो इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
जय भोले शंकर ने किया भंडाफोड़
पुलिस के अनुसार कार के शीशे पर जय भोले शंकर लिखा हुआ था। शातिरों ने कार को काट दिया था और शीशे निकाल कर साइड में रखे थे। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि शीशे पर लिखे बाबा भोले शंकर के ये शब्द अपनी करामात दिखाकर उन्हें अंदर भी करा सकते हैं।
पुलिस मौके पर पहुंची तो शिकायतकर्ता ने कार का शीशा पहचान लिया। पुलिस को कहा कि कार यहीं है। इसके बाद पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी टूट गए। पुलिस ने चोरी की इस वर्कशाप में हर जगह कार की तलाश की लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला।
वहां कार का एक इंजन खुला पड़ा था इसके अलावा कार के अलग-अलग पार्ट थे। संदेह होने पर पुलिस ने अपना मैकेनिक बुलाया और वहां पड़े इंजन को खोला। उसके इंजन नंबर से चोरी हुई कार की आरसी का नंबर देखा तो उसका मिलान हो गया।
आरोपियों से चल रही है पूछताछ
इससे साबित हो गया कि सामने पड़े कलपुर्जे चोरी की कार के हैं। यह देखकर सब सन्न रह गए। पुलिस ने यहां से एक मोटरसाइकल भी बरामद की है। अंदेशा है कि यह भी चोरी की है।
एएसपी सिटी भजन देव नेगी ने कहा कि ढली पुलिस के लिए यह एक बड़ी कामयाबी है। पहली बार ऐसा कोई कार चोर गिरोह हत्थे चढ़ा है जो यहीं पर कार को काट कर उसके कलपुर्जे अलग-अलग कर रहा था। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि अब तक कितनी कार चोरियों में उनका हाथ है और गिरोह में कितने सदस्य शामिल है।