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बस किराये में कटौती से नौकरी जाने का डर, 11 जुलाई को करेंगे हड़ताल
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शिमला। एचआरटीसी की बसों में किराये में कटौती से नौकरी जाने के डर के चलते निजी बस चालक परिचालक यूनियन ने 11 जुलाई को सांकेतिक हड़ताल का एलान किया है। रविवार को पुराने बस अड्डे में यूनियन की बैठक में यह फैसला लिया गया।
यूनियन के अध्यक्ष रूपलाल ठाकुर और महासचिव अखिल गुप्ता ने बताया कि बस किराये में कटौती से अगर निजी बस ऑपरेटरों ने बसें खड़ी कर दीं तो चालक-परिचालक बेरोजगार हो जाऐंगे। किराये में छूट से यूनियन को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन सरकार हमारा भविष्य सुरक्षित कर रोजगार की गारंटी दे।
मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, निदेशक परिवहन से यूनियन अपनी मांगें कई बार उठा चुकी है, लेकिन हमेशा अनदेखी हुई है। अगर अब भी सुनवाई नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया जाएगा।
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यूनियन ने सरकार से एचआरटीसी चालक-परिचालकों भर्ती में निजी बसों के अनुभवी स्टाफ को 50 फीसदी कोटा देने, परिवहन विभाग की ओर से पहचान पत्र जारी करने और मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है।
राजेंद्रा ट्रेवल बस ऑपरेटर के संचालक राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि बस किराये में कटौती से बसों का संचालन घाटे का सौदा बन रहा है। ऐसे में बसें खड़ी होने पर चालक-परिचालक बेरोजगार हो जाएंगे।
निजी बस ऑपरेटर भी देंगे यूनियन का साथ
शिमला निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने चालक-परिचालक यूनियन की हड़ताल में सहयोग की घोषणा की है। यूनियन के उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा और महासचिव सुनील चौहान ने कहा है कि चालक-परिचालकों के बिना बसों का संचालन नहीं हो सकता। यूनियन की सभी मांगें पूरी तरह जायज हैं। इसलिए बस ऑपरेटर हड़ताल में सहयोग करेंगे।
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यूनियन के अध्यक्ष रूपलाल ठाकुर और महासचिव अखिल गुप्ता ने बताया कि बस किराये में कटौती से अगर निजी बस ऑपरेटरों ने बसें खड़ी कर दीं तो चालक-परिचालक बेरोजगार हो जाऐंगे। किराये में छूट से यूनियन को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन सरकार हमारा भविष्य सुरक्षित कर रोजगार की गारंटी दे।
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मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, निदेशक परिवहन से यूनियन अपनी मांगें कई बार उठा चुकी है, लेकिन हमेशा अनदेखी हुई है। अगर अब भी सुनवाई नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया जाएगा।
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यूनियन ने सरकार से एचआरटीसी चालक-परिचालकों भर्ती में निजी बसों के अनुभवी स्टाफ को 50 फीसदी कोटा देने, परिवहन विभाग की ओर से पहचान पत्र जारी करने और मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है।
राजेंद्रा ट्रेवल बस ऑपरेटर के संचालक राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि बस किराये में कटौती से बसों का संचालन घाटे का सौदा बन रहा है। ऐसे में बसें खड़ी होने पर चालक-परिचालक बेरोजगार हो जाएंगे।
निजी बस ऑपरेटर भी देंगे यूनियन का साथ
शिमला निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने चालक-परिचालक यूनियन की हड़ताल में सहयोग की घोषणा की है। यूनियन के उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा और महासचिव सुनील चौहान ने कहा है कि चालक-परिचालकों के बिना बसों का संचालन नहीं हो सकता। यूनियन की सभी मांगें पूरी तरह जायज हैं। इसलिए बस ऑपरेटर हड़ताल में सहयोग करेंगे।