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Shimla News: चक्कर के पास भूस्खलन से शिमला-मंडी हाईवे बंद
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निजी भवन के लिए की ख्रोदाई
से पहाड़ी
में पड़ीं
दरारें
भारी बारिश के बीच भी जारी रखा निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के लोअर चक्कर में वीरवार को नेशनल हाईवे-22 (शिमला-मंडी) पर पूरा दिन भूस्खलन होता रहा। इस कारण यातायात ठप हो गया है।
पहले देररात दो बजे सड़क पर भूस्खलन हुआ जिसके बाद सुबह कुछ समय के लिए यातायात एक तरफा खोला गया। लेकिन दोपहर 2:30 बजे के करीब एक बार फिर से भूस्खलन हुआ और सड़क पूरी तरह बंद हो गई। सड़क के किनारे एक निजी प्लॉट के निर्माण के लिए पहाड़ की खोदाई की जा रही है। इस खोदाई के लिए एनएचएआई ने मंजूरी दी थी। हालांकि शहर में हो रही भारी बारिश के बावजूद भी इस कार्य को नहीं रोका गया।
सड़क के किनारे पहले भी भूस्खलन हुआ था लेकिन निर्माण कार्य को जारी रखा गया। विशेषज्ञों के अनुसार भारी बारिश और भूस्खलन के बीच पहाड़ की कटिंग से पानी चट्टानों में रिसता रहा जिससे पहाड़ी में दरारें पड़ गईं और मलबा गिरने लगा। अब स्थिति यह है कि सड़क पर वाहनों के चलने से भी पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यहां चार भवनों को खाली करवा दिया है। भूस्खलन के कारण सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा जमा हो गया है जिसे हटाना जोखिम भरा हो सकता है।
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मलबा हटाने से दरक सकती है पहाड़ी : अमित
एनएचएआई के तकनीकी प्रबंधक अमित प्रभात ने बताया कि सड़क पर की गई खुदाई से पहाड़ी अस्थिर हो गई है। मलबे को अवैज्ञानिक तरीके से हटाया तो पूरी पहाड़ी दरक सकती है। इससे बड़ा हादसा हो सकता है। एनएचएआई ने प्लॉट के निर्माण कर रहे भूमि मालिक को नोटिस जारी किया है। अब सड़क की मरम्मत के लिए डंगे लगवाने की योजना बनाई जा रही है। कहा कि पहाड़ी के स्थिर होने तक ट्रैफिक को अन्य मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा।
सड़क बंद होने से लोग परेशान
सड़क के बंद होने से चक्कर, बालूगंज और टुटू समेत पूरे क्षेत्र की आवाजाही प्रभावित हुई है। लोगों को टुटू जाने के लिए अब समरहिल और तारादेवी होकर आना पड़ रहा है। यह रास्ता काफी लंबा है। इस स्थिति का सबसे अधिक प्रभाव आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और बीमार लोगों पर पड़ा है। अस्पतालों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है और खाने-पीने की चीजों की आपूर्ति भी बाधित हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से स्थिति को जल्द सामान्य करने की मांग की है। बालूगंज क्रॉसिंग में भूस्खलन के चलते पहले ही रास्ता बंद पड़ा है।
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से पहाड़ी
में पड़ीं
दरारें
भारी बारिश के बीच भी जारी रखा निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के लोअर चक्कर में वीरवार को नेशनल हाईवे-22 (शिमला-मंडी) पर पूरा दिन भूस्खलन होता रहा। इस कारण यातायात ठप हो गया है।
पहले देररात दो बजे सड़क पर भूस्खलन हुआ जिसके बाद सुबह कुछ समय के लिए यातायात एक तरफा खोला गया। लेकिन दोपहर 2:30 बजे के करीब एक बार फिर से भूस्खलन हुआ और सड़क पूरी तरह बंद हो गई। सड़क के किनारे एक निजी प्लॉट के निर्माण के लिए पहाड़ की खोदाई की जा रही है। इस खोदाई के लिए एनएचएआई ने मंजूरी दी थी। हालांकि शहर में हो रही भारी बारिश के बावजूद भी इस कार्य को नहीं रोका गया।
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सड़क के किनारे पहले भी भूस्खलन हुआ था लेकिन निर्माण कार्य को जारी रखा गया। विशेषज्ञों के अनुसार भारी बारिश और भूस्खलन के बीच पहाड़ की कटिंग से पानी चट्टानों में रिसता रहा जिससे पहाड़ी में दरारें पड़ गईं और मलबा गिरने लगा। अब स्थिति यह है कि सड़क पर वाहनों के चलने से भी पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यहां चार भवनों को खाली करवा दिया है। भूस्खलन के कारण सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा जमा हो गया है जिसे हटाना जोखिम भरा हो सकता है।
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मलबा हटाने से दरक सकती है पहाड़ी : अमित
एनएचएआई के तकनीकी प्रबंधक अमित प्रभात ने बताया कि सड़क पर की गई खुदाई से पहाड़ी अस्थिर हो गई है। मलबे को अवैज्ञानिक तरीके से हटाया तो पूरी पहाड़ी दरक सकती है। इससे बड़ा हादसा हो सकता है। एनएचएआई ने प्लॉट के निर्माण कर रहे भूमि मालिक को नोटिस जारी किया है। अब सड़क की मरम्मत के लिए डंगे लगवाने की योजना बनाई जा रही है। कहा कि पहाड़ी के स्थिर होने तक ट्रैफिक को अन्य मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा।
सड़क बंद होने से लोग परेशान
सड़क के बंद होने से चक्कर, बालूगंज और टुटू समेत पूरे क्षेत्र की आवाजाही प्रभावित हुई है। लोगों को टुटू जाने के लिए अब समरहिल और तारादेवी होकर आना पड़ रहा है। यह रास्ता काफी लंबा है। इस स्थिति का सबसे अधिक प्रभाव आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और बीमार लोगों पर पड़ा है। अस्पतालों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है और खाने-पीने की चीजों की आपूर्ति भी बाधित हुई है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से स्थिति को जल्द सामान्य करने की मांग की है। बालूगंज क्रॉसिंग में भूस्खलन के चलते पहले ही रास्ता बंद पड़ा है।