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शिमला: कर संबंधी विवाद निपटाने के लिए विरासत मामले समाधान योजना शुरू
Mon, 14 Feb 2022 08:05 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 14 Feb 2022 08:05 PM IST
सार
राज्य कर और आबकारी विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि डीलर योजना के पहले चरण के दौरान ब्याज और जुर्माने के स्थान पर 10 प्रतिशत की दर से निपटान शुल्क के साथ अपना देय कर जमा कर सकते हैं।
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माल और सेवा कर(सांकेतिक)
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने माल और सेवा कर में शामिल अधिनियमों में लंबित मामलों और बकाया राशि के निपटान के लिए हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती योजना (विरासत मामले समाधान) 2021 आरंभ कर दी है। इससे करदाताओं को अनिवार्य दस्तावेज प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। जीएसटी लागू होने के बाद भी करदाताओं के कर संबंधी मामलों के विवाद रह गए हैं। राज्य कर और आबकारी विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि डीलर योजना के पहले चरण के दौरान ब्याज और जुर्माने के स्थान पर 10 प्रतिशत की दर से निपटान शुल्क के साथ अपना देय कर जमा कर सकते हैं।
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इसकी अवधि 28 अप्रैल 2022 को समाप्त होगी। पहले चरण के दौरान आवेदन दाखिल करने में विफल रहने वाले डीलरों को निपटान शुल्क का भुगतान करना होगा। पहले चरण के दौरान लागू देय निपटान शुल्क का 150 प्रतिशत दूसरे चरण की अवधि 29 अप्रैल से 28 जून 2022 तक लागू होगी। योजना के तहत करदाता बकाया कर राशि का भुगतान कर सकते हैं और कानून के तहत किसी भी अन्य परिणाम से मुक्त हो सकते हैं। इससे करदाताओं को राहत मिलेगी और उन्हें ब्याज और जुर्माने के स्थान पर केवल निपटान शुल्क देना होगा। योजना का लाभ प्राप्त करने के इच्छुक पात्र डीलरों को अपने नजदीकी जिला, वृत्त कार्यालय में जाना होगा।
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