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आपदा के जख्म: कर्मचारियों को बाहर भेजकर खुद मलबे में दब गया सोनू
Thu, 17 Aug 2023 01:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 17 Aug 2023 01:00 PM IST
सार
प्रत्यक्षदर्शी ठेकेदार यम बहादुर ने बताया कि राजू का कुछ सामान और पैसे अंदर रह गए थे। यह अंदर गया जबकि सोनू बाहर खड़ा था। इसी बीच सोनू किसी से फोन पर बात करने लगा। अचानक पहाड़ी दरकी जिसे देखकर यम बहादुर नीचे सड़क की ओर दौड़ गया। वहीं सोनू ने भी दौड़ लगाई लेकिन यह मलबे की चपेट में आ गया।
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प्रत्यक्षदर्शी ठेकेदार यम बहादुर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नगर निगम शिमला के स्लॉटर हाउस के मैनेजर नवीन भल्ला उर्फ सोनू ने यहां काम कर रहे कर्मचारियों को सुरक्षित तो बाहर निकाल दिया लेकिन खुद मलबे में दब गया। सोनू मूलत: पंजाब के लुधियाना का रहने वाला था। प्रत्यक्षदर्शी ठेकेदार यम बहादुर ने बताया कि मंगलवार को कम कर्मचारी स्लॉटर हाउस में थे। दिन के समय पहाड़ी में दरारें आने और हल्का मलबा गिरने की सूचना भी सोनू ने ही लोगों और नगर निगम प्रशासन को दी थी।
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इसने दोपहर को ही स्लॉटर हाउस खाली करवा दिया था। पार्षद बिट्टू कुमार के अनुसार हादसे से करीब आधा घंटे पहले सोनू लोकल बस अड्डे स्थित गुरुद्वारे में भी गया था। यहां माथा टेकने के बाद कृष्णानगर पहुंचा। डंगे में आ दरारों को देखने के बाद यह फिर से स्लॉटर हाउस पहुंच गया था। इसके साथ कर्मचारी राजू भी था। प्रत्यक्षदर्शी ठेकेदार यम बहादुर ने बताया कि राजू का कुछ सामान और पैसे अंदर रह गए थे। यह अंदर गया जबकि सोनू बाहर खड़ा था।
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इसी बीच सोनू किसी से फोन पर बात करने लगा। अचानक पहाड़ी दरकी जिसे देखकर यम बहादुर नीचे सड़क की ओर दौड़ गया। वहीं सोनू ने भी दौड़ लगाई लेकिन यह मलबे की चपेट में आ गया। यम बहादुर ने बताया कि यदि सोनू भी दौड़ता तो उसकी जान बच सकती थी।
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