फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Shimla HRTC Bus Accident rohru depot hrtc bus accident in jubbal 4 died

Shimla HRTC Bus Accident: पहले भी ब्रेक फेल होने पर चालक की सूझ-बूझ से टला था हादसा, इस बार ले गई चार की जान

Fri, 21 Jun 2024 08:05 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, रोहड़ू
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहड़ू Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 21 Jun 2024 08:05 PM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में शुक्रवार सुबह एचआरटीसी बस हादसे का शिकार हो गई. बस हादसे में कुल चार लोगों की मौत हो गई। गौर करने वाली बात है कि इस रूट पर पहले भी इस बस की ब्रेक फेल हो चुकी थी, तब चालक की सूझबूझ से हादसा टल गया था, लेकिन इस बार बचाव का मौका नहीं मिला।

विज्ञापन
Shimla HRTC Bus Accident rohru depot hrtc bus accident in jubbal 4 died
डिजाइन फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

11 साल दस महीने पुरानी निगम की बस शुक्रवार को चार जिंदगियों को चंद पलों में लील गई। दुर्गम क्षेत्र में तंग सड़क, तीखे मोड़ और अधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र से हर रोज गुजरने वाली इस बस को कुछ ही दिन पहले पास किया था। गौर करने वाली बात है कि इस रूट पर पहले भी इस बस की ब्रेक फेल हो चुकी थी, तब चालक की सूझबूझ से हादसा टल गया था, लेकिन इस बार बचाव का मौका नहीं मिला। अब इन चार मौतों का जिम्मेदार किसे ठहराएं, यह सवाल है। बस हादसे में घायल रोहड़ू अस्पताल में उपचाराधीन नेपाली मूल के हस्त बहादुर ने इन मौतों को बहुत करीब से देखा। उसने बताया, बस में बैठ कर लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के इंतजार में थे। सुबह छह बजे बस गिल्टाड़ी के लिए रोज की तरह निर्धारित समय में कुडडू से चली।

विज्ञापन


चालक के पीछे वाली सीट पर परिचालक और एक अन्य व्यक्ति बैठा था। एक युवती एक महिला के साथ में सीट पर बैठी थी। दो नेपाली मजदूर भी उसके पीछे की सीटों पर बैठे थे। खाली शांत सड़क पर सब लोग सफर का आनंद ले रहे थे। अभी बस करीब चार किलोमीटर की दूरी पर ही पहुंची थी कि सड़क के तीखे मोड़ पर सामने से एक कार आई। चालक ने उस कार को पास देने के लिए बस को थोड़ा बाहर से काटा कि चंद सेकंड में हवा में उछलने के बाद धमाके के साथ बस रुकी।
विज्ञापन




कार को पास देते समय बस क्रश बैरियर से टकराई और दो सौ फुट हवा में उछलकर सड़क पर पलट गई। इस दौरान किसी को चीखने-चिल्लाने तक का मौका नहीं मिला। हस्त बहादुर ने कहा कि दुर्घटना स्थल के आसपास कोई बस्ती नहीं है, फिर भी कुछ मिनट में लोग बचाव राहत के लिए मौके पर पहुंचे। बाहर निकले तो देखा बस ऊपर वाली सड़क से नीचे की सड़क पर पहुंच चुकी है। उसके बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन हादसे में चार लोगों की मौत हो चुकी थी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। करीब दो सौ फुट पहाड़ी में उछलने के बाद नीचे की सड़क से टकराने के बाद बस के परखच्चे उड़ गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले भी हो चुकी थी इस बस की ब्रेक फेल
करीब डेढ़ साल पहले गिल्टाड़ी से रोहड़ू के लिए चलने वाली इस बस की ब्रेक फेल हो चुकी है। उस समय बस में तीस से अधिक लोग सवार थे। परिवहन निगम की इस बस के तत्कालीन चालक आत्मा राम की सूझबूझ से बस को पहाड़ी से टकराना पड़ा। इस हादसे में किसी को गंभीर चोटें नहीं आईं। इस बार फिर उस स्थान से पांच सौ मीटर पीछे यह हादसा हुआ है। यदि हादसा वापसी में हुआ होता तो कई लोग हादसे का शिकार हो सकते थे। बस कुडडू से चलने के बाद गिल्टाड़ी से कर्मचारियों, छात्रों और लोगों को भरकर सुबह आठ बजे वापस रोहड़ू के लिए चलती है।



ग्यारह साल दस महीने पुरानी थी निगम की बस
दुर्घटनाग्रस्त बस ग्यारह साल दस महीने पुरानी थी। कुछ ही दिन पहले इसको फिर से पास किया गया था, लेकिन घटना स्थल पर मौजूद लोगों का गुस्सा साफ झलक रहा था। उनका कहना था कि इस रूट पर पहले दो बसें चलती थीं। शिमला से चलने वाली बस बंद कर दी गई। उसके बाद करीब पांच गांव क्वालटाड़, गिल्टाड़ी, धांनसर, झाल्टा और खरशाल-कंदरोट गांव के लोग इस बस में ही सफर के लिए मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि खटारा बस में तकनीकी खराबी की पूरी संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। परिवहन निगम मामले में लीपापोती का प्रयास करेगा।

यहां पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
कटिंडा-गिल्टाड़ी सड़क पर जहां सुबह बस हादसा हुआ। वह क्षेत्र पहले से ब्लैक स्पाट यानी दुर्घटना संभावित क्षेत्र है। बीते कुछ सालों में करीब एक किलोमीटर के दायरे पर इस सड़क पर आधा दर्जन के करीब हादसे हो चुके हैं, लेकिन यहां की तंग सड़क को चौड़ा करना तो दूर सरकार की ओर से क्रश बैरियर तक पूरे नहीं लगाए गए हैं। वहीं, लोगों की मांग है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्र में सड़क को चौड़ा किया जाए। चौड़ा करने के बाद सड़क के किनारे क्रश बैरियर लगाए जाएं।

बस को कुछ ही दिन पहले पास किया
बस को कुछ ही दिन पहले पास किया गया है। प्राथमिक जांच में कार को पास देते समय चालक का बस पर से नियंत्रण खोने के कारण हादसा हुआ है। बस ग्यारह साल दस महीने पुरानी थी। इसकी जांच के लिए टेक्निकल कमेटी का गठन कर दिया गया है। जांच के बाद ही हादसा का पूरा पता चल सकेगा- प्रियरंजन चौहान, क्षेत्रिय प्रबंधन परिवहन निगम रोहड़ू डिपो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed