शिमला में करोड़ों के गहने साफ: पहले व्हाट्सऐप कॉल, फिर नौकरानी की एंट्री…पुलिस ने लोगों से की ये अपील
शिमला के फिंगास्क क्षेत्र में बुजुर्ग कारोबारी महिला के घर करोड़ों के पुश्तैनी आभूषण और नकदी चोरी हो गई। वारदात से पहले महिला को नौकरानी उपलब्ध करवाने वाली फर्जी कंपनी के नाम पर व्हाट्सऐप कॉल आई थी। इसके बाद घर में काम करने आई नौकरानी दस दिन बाद चोरी के दिन गायब हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
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साइबर अपराधी अब बुजुर्गों को कॉल करके उनके खातों से रकम उड़ाने के बाद घर पहुंचकर लाखों, करोड़ों की चोरियों को भी अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही मामला शिमला में सामने आया है, जहां पर कारोबारी बुजुर्ग महिला के घर पहले नौकर हायर करवाने वाली फर्जी कंपनी के नाम पर व्हाट्सएप कॉल आई और फिर एक नौकरानी घर में दाखिल हुई। दस दिन बाद घर से करोड़ों के आभूषण चोरी हो गए और उसी दिन से नौकरानी भी गायब है। पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि दस दिनों तक वह नौकरानी से उसका मोबाइल नंबर समेत पहचान संबंधित दस्तावेज मांगती रही लेकिन वह हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर आनाकानी करती रही। इससे पता चलता है कि चोरी की वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है।
साइबर अपराधियों ने पहले बुजुर्ग महिला को व्हाट्सएप से कॉल किया और फिर नौकरानी को वहां भेजकर घर की हर जरूरी जानकारी हासिल की। जानकारी के अनुसार घटना 7 सितंबर की है जब फिंगास्क क्षेत्र में रहने वाली कारोबारी महिला रेणू बालजीज के घर रात के समय करोड़ों के गहने चोरी हो गए। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नौकरानी ने ही घर पर तीन लोगों को बुलाया और फिर करोड़ों की चोरी को अंजाम दिया।
इस दौरान घर की मालकिन और अन्य नौकरानी को खाने में नशीला पदार्थ दिया गया जिससे वह बेसुध हो गईं और जब अगले दिन सुबह उठीं तो घर से करोड़ों के पुश्तैनी आभूषण और नकदी चोरी हो चुके थे। इसके बाद उन्होंने मामले की सूचना सदर पुलिस को दी। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर मामले की जांच शुरू कर दी है हालांकि जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है, उसने पुलिस की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। पुलिस अब तकनीकी पहलुओं और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
एएसपी गौरवजीत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पीड़ित को पहले नौकर रखने के लिए व्हाट्सएप कॉल आई थी। पुलिस आरोपियों का पता लगाने के लिए हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। लोग किसी भी श्रमिक या नौकर को रखने से पहले संबंधित पुलिस स्टेशन में सत्यापन जरूर करवाएं।
ये बरतें सावधानियां
- किसी भी अनजान कॉल पर विश्वास न करें।
- किसी भी नौकर को हायर करने से पहले यह सत्यापित कर लें की फर्म फर्जी तो नहीं है।
- नौकर रखने से पहले संबंधित थाने में उसका सत्यापन करवाएं।
- किसी ऑनलाइन सुविधा के लिए गूगल पर सर्च न करें, फर्जी वेबसाइट से ठगी की आशंका रहती है।