Shimla News: हनुमान मंदिर जाखू में शिमला शहर का पहला एस्केलेटर शुरू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार शाम को एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ी) का शुभारंभ किया।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर जाखू में एस्केलेटर सुविधा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार शाम को एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ी) का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री सुक्खू शाम छह बजे के करीब मंदिर पहुंचे। इसके बाद मंदिर परिसर स्थित बाबा बालकनाथ मंदिर से हनुमान मंदिर की मूर्ति तक बने एस्केलेटर का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह एस्केलेटर 46.46 मीटर लंबा है और 1.65 मीटर चौड़ा है। यह 0.5 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से चलेगा। प्रति घंटा छह हजार श्रद्धालु इस पर सफर करके मंदिर पहुंच सकेंगे। वहीं देश-विदेश से आने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
यह पहला आउटडोर एस्केलेटर है। इसे साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया है। इसके अलावा लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत एस्केलेटर में दोनों ओर सेफ्टी ब्रेक और एलईडी लाइट्स लगाई गई हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, शहरी विधायक हरीश जनारथा, संजय रतन, नीरज नैय्यर, विनोद सुल्तानपुरी, अजय सोलंकी, नगर निगम शिमला महापौर सुरेंद्र चौहान, नगर उप महापौर उमा कौशल, प्रधान सचिव आरडीनजीम, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और आयुक्त नगर निगम भूपेंद्र अत्री मौजूद रहे।
एस्केलेटर में दिखेगी रामायण की झलक
एस्केलेटर में भक्तों को रामायण की झलक भी देखने को मिलेगी। एस्केलेटर के अंदर और बाहर की दीवारों पर भगवान श्रीराम, हनुमान और रामायण के दृश्यों को बनाया गया है। इसमें भक्त रामायण के मुख्य पहलुओं को समझ सकेंगे। एस्केलेटर के बाहर की दीवारों पर पेंट कर रामसेतु बनाते हुए वानर, बजरंगबली, सीता, राम, लक्ष्मण के चित्र बनाए हैं। संस्कृत में श्लोक लिखे गए हैं। एस्केलेटर की अंदर की दीवारों पर लकड़ी के बोर्ड पर चित्र लगाए हैं। राम दरबार, लक्ष्मण के लिए संजीवनी लेकर आए हनुमान, सागर से उड़ते हुए बजरंगबली, राम- रावण युद्ध की झलकियां दिखाई हैं।
ऊंचाई पर बनने वाला एशिया का पहला एस्केलेटर
रोपवे और रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 8 करोड़ की लागत से बनाया है। 8054 फीट की ऊंचाई पर टू-स्पेन 48 मीटर लंबाई वाला यह एशिया का पहला एस्केलेटर है। जाखू मंदिर की पार्किंग से मंदिर परिसर में स्थापित मूर्ति तक अब मात्र 1.5 मिनट का समय लगेगा।