शिमला बस हादसा: अपने पापा की कार में ही स्कूल जाना चाहती थी मेहल
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बस हादसे का शिकार हुईं मेहल और मान्या के परिजन ही नहीं पूरा लोअर खलीनी और झंझीड़ी शोक में डूब गया। पड़ोसियों ने बताया कि मेहल स्कूल जाने से पहले सोमवार को अपने घर के बरामदे में खेल रही थी।
पिता बृजमोहन पांटा के घर पर न होने के चलते बच्ची दादा से जिद कर रही थी कि उनकी गाड़ी में ही स्कूल जाएंगी। लेकिन व्यस्तता के कारण बस में ही स्कूल जाने को सवार हुईं और हादसे का शिकार हो गई। घर पर बच्ची की दादी अकेली थी।
मां-बाप और पड़ोसी घटनास्थल की ओर दौड़े
पड़ोसियों को मेहल की मौत की खबर मिल गई लेकिन दादी को बताने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। उधर भगवती नगर स्थित आर्यन कॉटेज में रहने वाली मान्या के घर पर भी घटना के बाद मातम पसर गया। मान्या के माता-पिता ने बेटे-बेटी को स्कूल भेजने के लिए तैयार किया।
आर्यन छोटी बहन मान्या को स्कूल बस तक छोड़ने गया। हादसे की खबर आर्यन ने ही घर आकर परिजनों को दी। इसके बाद मां-बाप और पड़ोसी घटनास्थल की ओर दौड़े।
आर्यन कॉटेज में रहने वाली बिमला देवी ने बताया कि मान्या रविवार शाम उनके कमरे में आई थी और उनकी बेटी को भी खेलने के लिए साथ ले गईं। दोनों बच्चियां वाटर टैंक के पास फॉस्ट फूड की दुकान पर चाइनिज परांठे खरीदने गईं।
दुकान के संचालक लक्ष्मण ने बताया कि पराठे बनाने का सामान खत्म हो गया था। इसलिए उन्होंने बच्चियों को कल दुकान पर आने को कहा। लक्ष्मण ने बताया कि सोमवार को मान्या उनकी दुकान पर दाेबारा आ ही नहीं पाएंगी इसका उन्हें आभास नहीं था।