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गोबिंदसागर झील में श्रीनगर के शिकारों में सैर करेंगे पर्यटक

Tue, 27 Nov 2018 10:05 AM IST
खेमराज शर्मा, अमर उजाला, बिलासपुर
खेमराज शर्मा, अमर उजाला, बिलासपुर Updated Tue, 27 Nov 2018 10:05 AM IST
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Shikara Boat ride in gobind sagar lake bilaspur himachal pradesh

भाखड़ा बांध से बिलासपुर तक करीब 90 किलोमीटर दायरे में फैली गोबिंदसागर झील में जल्द ही कश्मीर की डल की तरह शिकारे नजर आएंगे। हिमाचल सरकार ने पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां शिकारे चलाने की योजना बनाई है। यही नहीं, झील में तैरते हुए रेस्तरां (क्रूज) की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।

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साथ ही हरिद्वार और बनारस की तर्ज पर यहां के घाटों को संवारा जाएगा। 28 नवंबर को पर्यटन विभाग, बीबीएमबी और वाटर स्पोर्ट्स की संयुक्त टीम गोबिंदसागर झील के रेजरवायर का निरीक्षण करेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि शिकारे और नाव कहां-कहां चलाई जा सकती हैं।
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प्रदेश पर्यटन विभाग गोबिंदसागर झील को श्रीनगर की डल झील की तर्ज पर पर्यटकों को सुविधाएं देने की तैयारी में है। पर्यटन विभाग पहली बार यहां शिकारों में सैलानियों को सैर करवाएगा। ताकि कुल्लू, मनाली, शिमला या बाहरी राज्यों जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को यहां रोका जाए।

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Shikara Boat ride in gobind sagar lake bilaspur himachal pradesh

बिलासपुर को नई पर्यटन व एडवेंचर स्पोर्ट्स नगरी के रूप में विकसित करने की योजना है। न्यूयॉर्क, दुबई, हांगकांग, वियतनाम के अलावा देश में अभी गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में ही तैरते हुए रेस्तरां है।

बिलासपुर जिला का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे मंडी के जिला पर्यटन अधिकारी पंकज शर्मा ने बताया कि 28 को संयुक्त टीम गोबिंद सागर झील के रेजरवायर का निरीक्षण करेगी। पर्यटन विभाग यहां पर शिकारा चलाने की योजनाओं पर विचार कर रहा है।      

ऐसा होगा कश्मीरी शिकारा       
श्रीनगर स्थित डल झील में पर्यटकों के लिए शिकारे चलाए जाते हैं। यह एक बड़ी नाव होती है, जिसमें व्यक्ति पूरे परिवार के साथ बैठकर झील में घूमने का आनंद ले सकते हैं। इसी तरह से हाउस बोट भी होती है। गोबिंदसागर झील में आने वाले शिकारे डल झील में चलने वाले शिकारे की तरह ही बनाए जा रहे हैं।

पूरा शिकारा लकड़ी का बना होगा। इसमें गद्दे और कालीन भी बिछी होगी। साथ ही शिकारे में पर्दे भी लगे होंगे। अगर योजना सिरे चढ़ी तो आने वाले समय में कुछ शिकारों में डबल बेड वाले कमरे, अटैच बाथरूम, वॉर्डरोब, टीवी, डाइनिंग हॉल, खुली डेक आदि की सुविधा होगी।

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