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ओपीडी को शिफ्ट करना गलत फैसला : सत्यावान
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से ओपीडी आईजीएमसी शिफ्ट करने का जन स्वास्थ्य अभियान (जेएसए) हिमाचल इकाई के पदाधिकारियों ने भी विरोध किया है। इनका कहना है कि सरकार ने यदि महिला विरोधी इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
जेएसए के राज्य संयोजक सत्यवान पुंडीर ने सरकार के इस तर्क को हास्यास्पद करार दिया कि आईजीएमसी में बेहतर सुविधाएं, आधुनिक उपकरण और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है जबकि केएनएच में पुराने उपकरण और अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का कहना है कि केएनएच में उपकरण पुराने हैं और स्तर के अनुरूप नहीं हैं। यदि उपकरण पुराने हैं तो उन्हें बदलने और आधुनिक बनाया जाए। पुंडीर ने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल प्रदेश की महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण और एकमात्र स्वास्थ्य संस्थान है, जहां हर महीने लगभग 10,000 मरीज ओपीडी सेवाएं लेती हैं। केएनएच में शिमला ही नहीं बल्कि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से भी महिलाएं उपचार करवाने के लिए आती हैं। ऐसे में केएनएच को शिफ्ट करने से महिलाओं, गर्भवती माताओं और आम मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।जन स्वास्थ्य अभियान ने सरकार को सुझाव दिया है जिन मरीजों को रोबोटिक सर्जरी जैसी विशेष सुविधा की आवश्यकता हो उन्हें चिह्नित करके आईजीएमसी रेफर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने ओपीडी शिफ्ट करने का विरोध कर रहे सभी संघों का समर्थन किया है।
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जुन्गा (शिमला)। कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) से ओपीडी आईजीएमसी शिफ्ट करने का जन स्वास्थ्य अभियान (जेएसए) हिमाचल इकाई के पदाधिकारियों ने भी विरोध किया है। इनका कहना है कि सरकार ने यदि महिला विरोधी इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।
जेएसए के राज्य संयोजक सत्यवान पुंडीर ने सरकार के इस तर्क को हास्यास्पद करार दिया कि आईजीएमसी में बेहतर सुविधाएं, आधुनिक उपकरण और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है जबकि केएनएच में पुराने उपकरण और अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का कहना है कि केएनएच में उपकरण पुराने हैं और स्तर के अनुरूप नहीं हैं। यदि उपकरण पुराने हैं तो उन्हें बदलने और आधुनिक बनाया जाए। पुंडीर ने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल प्रदेश की महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण और एकमात्र स्वास्थ्य संस्थान है, जहां हर महीने लगभग 10,000 मरीज ओपीडी सेवाएं लेती हैं। केएनएच में शिमला ही नहीं बल्कि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से भी महिलाएं उपचार करवाने के लिए आती हैं। ऐसे में केएनएच को शिफ्ट करने से महिलाओं, गर्भवती माताओं और आम मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।जन स्वास्थ्य अभियान ने सरकार को सुझाव दिया है जिन मरीजों को रोबोटिक सर्जरी जैसी विशेष सुविधा की आवश्यकता हो उन्हें चिह्नित करके आईजीएमसी रेफर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने ओपीडी शिफ्ट करने का विरोध कर रहे सभी संघों का समर्थन किया है।
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