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बॉर्डर पर सेवाएं देने जाएगा ये शौर्य चक्र विजेता, कहा-दो-दो हाथ कर ले पाकिस्तान

Thu, 13 Oct 2016 11:23 AM IST
जोगेंद्र कुमार/अमर उजाला, सुबाथू (सोलन)
जोगेंद्र कुमार/अमर उजाला, सुबाथू (सोलन) Updated Thu, 13 Oct 2016 11:23 AM IST
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Shaurya Chakra Awardee Retired capt. DS Thakur want to learn a lesson to pakistan

साल 1971 में पाकिस्तान के दांत खट्टे वालों में से एक भारतीय सेना के शूरवीर और शौर्य चक्र विजेता रिटायर्ड कैप्टन डीएस ठाकुर एक बार फिर दुश्मनों से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ताजा हालात को देखते हुए 70 वर्षीय ठाकुर फिर से बॉर्डर पर सेवाएं देने को तैयार हैं। उन्होंने इसके लिए सेना से संपर्क भी साधा है। 

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अमर उजाला से विशेष बातचीत में कैप्टन ने बताया कि वे 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के भीतर तक घुस गए थे। उन्हें एक-एक लम्हा आज भी याद है। अब सेना बुलाती है तो पाकिस्तान में घुसने के लिए उन्हें न तो नक्शे की जरूरत है और न ही ट्रेनिंग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भरोसे के लायक नहीं है। हमेशा पीठ पर वार करता है। सेना को सर्जिकल स्ट्राइक बहुत पहले कर देना चाहिए थे। वर्ष 1971 के युद्ध का कोई भी जांबाज ऐसा नहीं होगा, जो पाकिस्तान को फिर से धूल चटाने का माद्दा न रखता हो। 

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इसलिए मिला शौर्य चक्र

Shaurya Chakra Awardee Retired capt. DS Thakur want to learn a lesson to pakistan

ऑनरेरी कैप्टन डीएस ठाकुर ने बताया कि वर्ष 1982 में वे नागालैंड में सेना हेडक्वार्टर चैंपांग की पापा पोस्ट पर थे। ट्रकों में बॉर्डर के लिए असलाह ले जा रह थे। तोहक ब्रिज पर दुश्मनों ने अचानक हमला बोल दिया। घात लगाकर किए हमले में कई सैनिक शहीद हो गए और दुश्मन असलाह ले जाने लगे। 

तब ठाकुर ने मशीनगन लेकर अकेले नक्सलियों का 300 मीटर दूरी तक पीछा किया और उनके कमांडर समेत कई नक्सलियों को मार गिराया। भारतीय सेना का असलाह भी बचाया और अपने साथियों की मौत का बदला भी लिया। इस बहादुरी के बाद उन्हें राष्ट्रपति ने शौर्य चक्र से नवाजा।

रिटायरमेंट के बाद भी लड़े बदमाशों से

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फौज की सेवाओं के बाद कैप्टन उत्तर प्रदेश के गजरौला में एक केमिकल उद्योग में बतौर सुरक्षा सुपरवाइजर तैनात हुए। यहां देर रात हथियारों से लैस कुछ बदमाशों ने ऑफिसर कॉलोनी में सुरक्षा गार्ड को घायल कर करीब 20 परिवारों को बंदी बनाकर लूटपाट शुरू कर दी। 

कैप्टन अकेले ही बिना हथियार के बदमाशों से भिड़ गए। उन्होंने दांतों से ही बदमाशों के मुंह और कान को काटकर बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। उनकी ललकार से बदमाश भाग गए। उस दौरान यूपी सरकार ने नवाजा और एसपी ने विशेष सम्मान देते हुए सेल्यूट किया।

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