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हिमाचल के कुल्लू का शरण देश के 10 हथकरघा गांवों में शामिल: स्मृति

Fri, 07 Aug 2020 07:42 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, नग्गर (कुल्लू)
अमर उजाला नेटवर्क, नग्गर (कुल्लू) Published by: Krishan Singh Updated Fri, 07 Aug 2020 07:42 PM IST
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sharan of Kullu in Himachal included in 10 handloom villages of the country: Smriti
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी - फोटो : सोशल मीडिया

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास और कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि हिमाचल के कुल्लू जिले के शरण गांव को देश के उन 10 गांवों में शामिल किया गया है, जिन्हें हथकरघा गांव के रूप में चुना गया है। कहा कि इससे न केवल हथकरघा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ये गांव पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेंगे। देश में निफ्ट केंद्रों से भी हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी। दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हथकरघा उद्योग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना चाहते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हैंडलूम मार्क योजना के लिए शुरू की गई मोबाइल एप से बुनकरों के साथ उपभोक्ताओं को सही हथकरघा उत्पाद मिलेंगे। माई हैंडलूम पोर्टल उपभोक्ताओं को हथकरघा उत्पादों के बारे में जानकारी देने में मदद करेगा। शरण गांव में बुनकरों के लिए सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा। केंद्र सरकार देश में इस क्षेत्र को हरसंभव सहायता देगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में लगभग 20 हजार लोग हथकरघा उद्योग से जुड़कर आजीविका कमा रहे हैं।

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हिमाचली शॉल और टोपी विश्व प्रसिद्ध है। कुल्लू और किन्नौरी शॉल को भारत सरकार ने हथकरघा संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत आरक्षित किया है। दोनों उत्पादों का पेटेंट करवाया गया है। सीएम ने कुल्लू में धरोहर गांव नग्गर के पास शरण गांव को हथकरघा गांव के रूप में विकसित करने को सहमति देने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। कहा कि इसके अंतर्गत केंद्र सरकार ने 118.63 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं, जबकि राज्य सरकार इसमें 13.40 लाख का योगदान देगी। राज्य हथकरघा एवं हस्तशिल्प निगम के माध्यम से नौ जिलों में लगभग 450 हथकरघा बुनकरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य में 12 विक्रय केंद्रों और एक विक्रय केंद्र दिल्ली के माध्यम से हथकरघा उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित की जा रही है। कहा कि कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों में राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम क्रियान्वित किया जा रहा है। इस उद्योग में लगभग छह हजार उद्यमी कार्यरत हैं। इसके अंतर्गत 150 करोड़ का वार्षिक कारोबार किया जा रहा है। केंद्रीय वस्त्र सचिव रवि कपूर, हथकरघा विकास आयुक्त संजय रस्तोगी ने भी विचार रखे। उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला और विधायक होशियार सिंह मौजूद रहे।

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