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हिमाचल में कितने विवि, यह जांच का विषय : शांता कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैजनाथ (कांगड़ा)
Updated Fri, 16 Nov 2018 07:59 PM IST
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सांसद शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 20 विश्वविद्यालय हैं। यह कहां तक सही है, यह जांच का विषय है। आयुर्वेदिक संस्थान ने भी समय के अनुसार प्रगति नहीं की है, जबकि आयुर्वेद का हमारे जीवन में अहम महत्व है।
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शुक्रवार को राजीव गांधी आयुर्वेद स्नातकोत्तर शिक्षण संस्थान पपरोला में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी और वार्षिक वैज्ञानिक सेमिनार का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि आए सांसद शांता कुमार ने कहा कि दुनिया में बड़ी तेजी से बदलाव हो रहे हैं।
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वर्तमान में आयुर्वेद के अध्यापन और प्रशिक्षण की स्थिति क्या है, यह एक महत्वपूर्ण विषय है। शिक्षा का विस्तार तेजी से हुआ। लेकिन, इस दौरान शिक्षा का स्तर नीचे गिरा है। हमें शिक्षा के स्तर का ध्यान रखना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि एलोपेथी में अनेक अहम शोध हुए हैं। लेकिन, एलोपेथी के मुकाबले आयुर्वेद का अपना महत्व है। आयुर्वेद की संयुक्त सचिव डॉ. राखी सिंह ने कहा कि सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा देने में प्रयासरत है।
संस्थान के कर्मचारियों की वेतन विसंगति और छात्रों की छात्रवृत्ति का मामला सरकार के विचाराधीन है। इससे पूर्व प्रधानाचार्य डॉ वाईके शर्मा ने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी।
इस मौके पर डॉ. अनूप ठाकुर, डॉ. अजय, डॉ. राखी, डॉ. वाईके शर्मा, एसडीएम विकास शुक्ला, डॉ. बीएल मेहरा, डॉ. नवनीत शर्मा, डॉ. अनिल दत्त, डॉ. विजय, डॉ. टेक चंद, डॉ. सुभाष, डीआर नाग, विनोद गुलियानी, अनिता सूद और संजय सोनी इस दौरान मौजूद रहे।