शांता का मुख्यमंत्री पर हमला, सरकार को कहा अयोग्य
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शांता कुमार ने दिल्ली से पालमपुर पहुंचते ही शिमला में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोला है।
उन्होंने इस हमले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इसकी निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती है। सरकार और मुख्यमंत्री का पक्ष सच्चाई पर आधारित है तो उन्हें स्वयं ही पूरी जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए।
शिमला में भाजपा कार्यालय पर कांग्रेस का अतिक्रमण और भाजपा कार्यकर्ताओं को घायल करने की कार्रवाई को उन्होंने अति निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
सोची समझी योजना के तहत हुआ सबकुछ
हिमाचल जैसे शांत प्रदेश में ऐसी घटनाओं का होना प्रदेश सरकार का सीधा अयोग्यता का प्रमाण है। उन्होंने दुख जताया कि जांच करने से पहले ही मुख्यमंत्री वीरभद्र कांग्रेस का पक्ष ले रहे हैं।
उन्हें जांच पूरी होने के बाद ही कोई फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को विरोध करने का पूरा अधिकार है लेकिन भाजपा कार्यालय के पास उन्हें रैली करने की स्वीकृति देना एक सोची समझी योजना का हिस्सा है। कांग्रेस कार्यकर्ता आक्रमण के लिए पहले से ही तैयार थे।
भाजपा कार्यकर्ताओं को दी नसीहत
सांसद शांता कुमार ने भाजपा कार्यकर्ताओं से अपने आंदोलनों को शांतिप्रिय रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब हिमाचल में भी अन्य प्रदेशों की तरह हत्या, चोरी और बलात्कार की घटनाएं होने लगी हैं।
इसका सीधा मतलब है कि न तो प्रशासन पर सरकार की पकड़ रही है और न ही सरकार का असामाजिक तत्वों पर किसी प्रकार का डर है।
यही वजह है कि पुलिस की मौजूदगी में ही युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला कर दिया है। उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा की है।