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47 साल बाद हुए शांद महायज्ञ में उमड़े लाखों लोग, सीएम भी पहुंचे
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहडू
Updated Sun, 03 Jan 2016 10:14 AM IST
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रोहडू के अढ़ाल में 47 सालों बाद आयोजित शांद महायज्ञ में शनिवार को शिखा पूजन की मुख्य रस्म निभाई गई। इस दौरान लाखों लोगों ने शिरकत की। शिखा पूजन की रस्म के साथ ही महायज्ञ में पूर्ण आहुति भी डाली गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह तथा युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। रविवार को खूंदों की विदाई रस्म उछड़ पाछड़ का आयोजन होगा।
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अढ़ाल में शांद महायज्ञ के दूसरे दिन मंडल पूजन के साथ शिखा पूजन की रस्म का आगाज हुआ। शिखा पूजना की मुख्य रस्म से पहले शनिवार सुबह नेवली खूंदों ने फेर रस्म निभाई। कई घंटों तक चली इस रस्म में नेवली खूंदों ने गांव की परिक्रमा की। वाद्य यंत्रों की धुनों पर नाचते हुए खूंदों ने फेर रस्म निभाई। इसके बाद शिखा पूजा की मुख्य रस्म हुई। दोपहर करीब 12 बजे शिखा पूजन की मुख्य रस्म शुरू की गई।
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एक घंटे तक चली शिखा पूजन की इस रस्म को देखने के लिए हजारों लोग मंदिर परिसर में मौजूद रहे। सभी खूंदों की मौजूदगी में शिखा पूजन की रस्म मंत्रोच्चारण के साथ पूरी की गई। शिखा पूजन की रस्म देखने के लिए अढ़ाल गांव में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। अढ़ाल मंदिर कमेटी के मोतमीन भगत सिंह ठाकुर ने बताया कि शिखा पूजन की रस्म पूरी कर ली है। अनुष्ठान में स्थानीय लोगों के आग्रह पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह परिवार सहित मौजूद रहे। अनुष्ठान खूंदों की विदाई रस्म उछड़ पाछड़ के साथ रविवार को संपन्न होगा।
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गांव की समृद्धि के लिए आयोजन
शांद महायज्ञ का आयोजन ग्रामीणों के सहयोग से किया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक जागा माता अढ़ाल को समर्पित इस महायज्ञ का आयोजन गांव की सुख शांति के लिए किया जाता है। ग्रामीण मां अढ़ाल से गांव की सुरक्षा की फरियाद करते हैं तथा क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना करते हैं। इसका आयोजन सालों बाद होता है। इस बार भी इसका आयोजन धूमधाम से किया जा रहा है।