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शक्तिपीठों में लगे जयकारे: चिंतपूर्णी में 15 हजार और नयनादेवी में 18 हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश

Sun, 05 Dec 2021 07:17 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, भरवाईं/बिलासपुर/बिझड़ी(हमीरपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, भरवाईं/बिलासपुर/बिझड़ी(हमीरपुर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 05 Dec 2021 07:17 PM IST
सार

उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ में रविवार को महज पांच हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार शीश नवाया। घटी श्रद्धालुओं की संख्या का कारण कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन को माना जा रहा है।

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shaktipeeth in himachal pradesh: devotees pays obeisance chintpurni temple una naina devi temple himachal pradesh
चिंतपूर्णी में श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : संवाद

विस्तार

प्रदेश की शक्तिपीठों में रविवार को श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। कोरोना के बाद ओमिक्रॉन की लहर का भीड़ पर असर देखने को नहीं मिल रहा है। शक्तिपीठों के अलावा प्रदेश के बाजारों में लोग उमड़ रहे हैं। प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में रविवार को सुबह पांच बजे मंदिर के कपाट खुल गए। श्रद्धालुओं को पर्ची के साथ ही मंदिर में दर्शन करने के लिए भेजा गया। दोपहर दो बजे तक श्रद्धालुओं की कतार पुराने बस स्टैंड से भी आगे निकल गई।

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होमगार्ड के इंचार्ज पीसी सोहन सिंह और सरदार पूर्ण सिंह ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से मंदिर में व्यवस्था को संभाला। पुलिस ने भी सहयोग किया। रविवार को शाम पांच बजे तक पंद्रह हजार के करीब श्रद्धालु मां चिंतपूर्णी के दरबार में हाजिरी लगा चुके थे। रविवार को छुट्टी वाले दिन हिमाचल प्रदेश के बाहरी राज्यों के भक्त भी प्रदेश की शक्तिपीठों में दर्शनों के लिए आते हैं। इधर, बिलासपुर के नयनादेवी में रविवार को 18 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। 
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बाबा बालक नाथ मंदिर में घटी श्रद्धालुओं की संख्या
उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ में रविवार को महज पांच हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार शीश नवाया। घटी श्रद्धालुओं की संख्या का कारण कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन को माना जा रहा है। हर रविवार का बाबा के दरबार में दस हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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इस रविवार यह संख्या आधी रह गई। चार दिसंबर से मंदिर में लंगर व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है। लंगर व्यवस्था शुरू करने के बाद यह पहला रविवार आया, लेकिन इस रविवार को पूर्व की तुलना में आधे ही श्रद्धालु मंदिर में बाबा के आशीर्वाद के लिए पहुंचे। एसडीएम शशि पाल शर्मा ने कहा कि रविवार को सामान्य संख्या में श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। 

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