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Shimla News: एसएफआई ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, नारेबाजी

Tue, 21 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:59 PM IST
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SFI staged a protest and raised slogans outside the Deputy Commissioner's office.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री से की इस्तीफे की मांग
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दिल्ली में छात्रों पर की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। नीट पेपर लीक मामले की स्वतंत्र जांच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में एसएफआई की क्रमिक भूख हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही।

छात्रों ने शिमला में डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने बताया कि 20 जुलाई से शुरू हुई क्रमिक भूख हड़ताल के पहले दिन प्रवेश, कृतिका, मितेश, राजेश और आशीष चौहान भूख हड़ताल पर बैठे थे। दूसरे दिन स्नेहा, कुशाल राणा, अमन, अंकुश और आरुष ने भूख हड़ताल की। छात्रों ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की स्वतंत्र जांच करवाई जाए, एनटीए को बर्खास्त किया जाए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
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प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक के समर्थन में भी आवाज उठाई। छात्रों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसकी उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा की। छात्रों ने कहा कि नीट, जेईई और यूजीसी नेट जैसी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और नई शिक्षा नीति को रद्द करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि यह आंदोलन केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा है। छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
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