इस जिले के माथे से धुला कम बेटियों वाले जिले का दाग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आखिरकार हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के बाशिंदे अनमोल बेटी के महत्व को समझ ही गए। पिछले चार सालों में जिले में शिशु लिंगानुपात में 25 प्वाइंट की अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। साल 2016 में जिले के माथे पर लगा सबसे कम शिशु लिंगानुपात का दाग आखिर धुल ही गया। बेटियों की घटती संख्या के चलते देश के सौ संवेदनशील जिलों में शामिल हो चुके ऊना में शून्य से छह आयु वर्ग के एक हजार लड़कों पर अब लड़कियों की संख्या 875 से बढ़कर 900 पहुंच गई है।
ऊना के कारण ही हिमाचल प्रदेश दस संवेदनशील राज्यों की फेहरिस्त में शुमार हो गया था। ताजा आंकड़ों पर गौर करें तो ऊना जिला ने कांगड़ा और हमीरपुर जिले को लिंगानुपात में पछाड़ दिया है। जाहिर तौर पर जिला में जहां लोगों की सोच में बदलाव आया है वहीं, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के प्रयास भी रंग लाए हैं। इस अभियान की कमान संभालने वाले डीसी ऊना अभिषेक जैन ने लिंगानुपात बढ़ने की पुष्टि की है। उनका दावा है कि आगामी जनगणना तक जिला एक सम्मानजनक आंकड़े को छू लेगा।
24 पंचायतों में 500 पहुंच गया था आंकड़ा
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पंजाब से लगते ऊना जिले की करीब 24 पंचायतों में शिशु लिंगानुपात 1000 लड़कों पर 500 लड़कियां पहुंच गया था। अब इनमें सराहनीय बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश का जनजातीय जिला लाहौल स्पीति ही ऐसा है जहां पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या ज्यादा है। यह जिला पूरे देश के लिए एक मिसाल है। यहां 1000 लड़कों पर 1033 लड़कियां हैं।
सरकार आम आदमी से लेकर विधायकों तक को जागरूक कर रही है। जगह-जगह वर्कशॉप लगाई जा रही हैं। अभियान चलाए जा रहे हैं। पंजाब, हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों के साथ भी सीमावर्ती इलाकों में कन्या भ्रूण हत्या की गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार संवाद स्थापित किए जा रहे हैं। फील्ड स्टडी की जा रही है। पीएनडीटी एक्ट में सख्त कार्रवाई की जा रही है। -रामेश्वर शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय, हिमाचल सरकार
जिला=लिंग अनुपात
कांगड़ा=876
हमीरपुर=887
सोलन=899
बिलासपुर=900
मंडी=916
शिमला=925
सिरमौर=928
चंबा=953
कुल्लू=962
किन्नौर=963
लाहौल-स्पीति=033
ऊना======875/अब 900
(वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार)