हिमाचल में कड़ाके की ठंड, सोलन-डलहौजी का न्यूनतम तापमान भी माइनस में पहुंचा
हिमाचल प्रदेश के केलांग, कल्पा और मनाली के बाद अब सोलन और डलहौजी का न्यूनतम तापमान भी माइनस में पहुंच गया है। प्रदेश के कई क्षेत्र सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गए हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान में भी सामान्य से चार डिग्री की कमी दर्ज हुई। 22 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। मंगलवार रात को केलांग में न्यूनतम तापमान माइनस 5.6, कल्पा में माइनस 4.1, मनाली-डलहौजी में माइनस 1.0 और सोलन में माइनस 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
शिमला में न्यूनतम तापमान 2.6, सुंदरनगर में 0.6, भुंतर में 0.7, धर्मशाला में 1.2, ऊना में 2.0, पालमपुर में 1.0, कांगड़ा में 1.9, मंडी में 3.0, चंबा में 2.2, हमीरपुर में 6.0, नाहन में 6.1 और बिलासपुर में 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उधर, बुधवार सुबह भी ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर के कई क्षेत्रों में धुंध छाई रही। इस दौरान वाहनों को चलाने में काफी परेशानियां पेश आईं। इन क्षेत्रों में दोपहर 12 बजे के बाद ही धूप खिली। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहा।
धूप खिलने के बावजूद अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री कम दर्ज हुआ। बुधवार को ऊना में अधिकतम तापमान 19.8, सोलन में 18.0, भुंतर में 17.4, नाहन में 17.2, बिलासपुर में 17.0, हमीरपुर में 16.8, कांगड़ा में 16.4, सुंदरनगर में 15.5, मंडी में 16.0, चंबा में 14.4, शिमला में 11.7, धर्मशाला में 10.2, मनाली में 10.4, कल्पा में 7.9, डलहौजी में 4.0 और केलांग में 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
सुबह, शाम की सैर पर पाले और धुंध का ध्यान रखें लोग
हादसों को कम करने के लिए हिमाचल पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस मुख्यालय की प्रवक्ता डॉ. मोनिका ने बताया कि पुलिस मुख्यालय ने लोगों से अपील की है कि सभी सुबह और शाम को सैर करते समय सड़क यातायात से सावधान रहें। इस दौरान खासतौर पर पाले और धुंध को लेकर बेहद सतर्क रहें। पाले की वजह से पैदल चल रहे लोगों के गिरने के साथ ही वाहनों के भी फिसलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में स्थानीय पुलिस अधिकारियों की ओर से दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें। वहीं घने कोहरे में बाहर निकलने से बचने, वाहन तेज न चलाने और शराब पीकर वाहन न चलाने की अपील की गई है।
मोनिका ने कहा कि कोविड के कारण पुलिस एल्को सेंसर का प्रयोग नहीं कर रही है। ऐसे में लोगों का खुद और अपने परिवार के प्रति यह दायित्व बनता है कि वह कार्यक्रमों में शराब का सेवन कर वाहनों को न चलाएं। 30 नवंबर तक हुई सड़क दुर्घटनाओं की पिछले साल की तुलना में कमी आई है। पिछले कुछ समय में डीजीपी संजय कुंडू की ओर से तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई और ब्लैक स्पॉट पर पुलिस बल की तैनाती के निर्देशों के चलते भी हादसों में कमी आई है। ऐसे में लोग अगर नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएंगे तो हादसे और कम होंगे।