हिमाचल: झुग्गियों में आग लगने से जिंदा जली सात साल की बच्ची, एक झुलसी
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हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बद्दी के समीप मल्लपुर पंचायत के दासोमजारा में प्रवासी कामगारों की झुग्गियों में आग लगने से एक सात साल की बच्ची जिंदा जल गई। एक छह माह की बच्ची बुरी तरह से झुलस गई। बेहोशी की हालत में उसे पहले बद्दी अस्पताल लाया गया लेकिन हालत नाजुक होने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया। ये दोनों सगी बहने थीं। जानकारी के मुताबिक एक झुग्गी में चूल्हे से उठी चिंगारी से आग लगी। देखते ही देखते तीनों झुग्गियां राख हो गईं। प्रशासन से नायब तहसीलदार बलराज नेगी ने मौके पर आकर पीड़ितों को मुआवजा राशि दी।
यह दर्दनाक हादसा सोमवार दोपहर बाद ढाई बजे हुआ। दासोमाजरा में यूपी के अमरोआ जिले के तलावड़ा गांव के रूप सिंह, रामवीर व संजय उद्योगों में कार्यरत हैं। ये तीनों इस दौरान अपनी ड्यूटी पर थे। रूप सिंह के अभी छह माह की बच्ची हुई थी। इसके चलते रूप सिंह की पत्नी रचना झुग्गी में थी। रचना अपनी छह माह की बच्ची लक्ष्मी को सुलाने के बाद पानी भरने चली गई। लक्ष्मी के साथ उसकी बड़ी बहन गौरी भी सो गई। जब तक वह पानी भर कर आई तो उसकी तीनों झुग्गियों में आग लगी हुई थी। इससे उसकी दोनों बेटियां झुलस गईं। जब उनको बाहर निकाला तो गौरी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। लक्ष्मी को रामवीर के भतीजे टिंकू ने निकाल लिया जिससे वह काफी हद तक बच गई। लोगों की मदद से उसे बद्दी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर लक्ष्मी को प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई रेफर कर दिया गया।
और रजाई बन गई सोती बच्ची का कफन
दासोमाजरा में हुए दर्दनाक हादसे में आग रूप सिंह की झुग्गी से लगी। वहां पर चूल्हे से उठी चिंगारी रजाई में चली गई जिसमें गौरी सोई हुई थी। यही रजाई अभागी बच्ची का कफन बन गई। मल्लपुर पंचायत के पूर्व प्रधान पोला राम चौधरी ने बताया कि रूप सिंह की सात वर्षीय बच्ची को बच सकती थी लेकिन उसका किसी को यह पता नहीं था कि वह अंदर सोई है। जैसे ही आग लगी तो रामवीर के भतीजे टिंकू ने लक्ष्मी को निकाला। उसे यह आभास नहीं था की गौरी भी यहीं पर है। रजाई में लिपटी होने से उसका किसी को पता नहीं चला। उसकी मां को ही पता था कि गौरी भी अंदर है। लोगों ने पानी डाल कर उसे बाहर निकाला लेकिन तब तक गौरी की मौत हो चुकी थी।
झुग्गी में दुकान भी जलकर हुई राख
रामवीर ने अपनी झुग्गी में छोटी सी दुकान भी चला रखी थी जो आग से नष्ट हो गई। संजय का झुग्गी में रखा सारा सामान जल कर राख हो गया। यहां पर और झुग्गियां भी थीं लेकिन मौके पर काफी लोग एकत्रित हो गए जिन्होंने बाकी झुग्गियों को जलने से बचा लिया। सूचना मिलते ही बद्दी से नायब तहसीलदार बलराज नेगी मौके पर आए और उन्होंने रूप सिंह को दस हजार रुपये फौरी राहत दी। संजय व रामवीर को पांच पांच हजार रुपये दिए। डीएसपी नवदीप सिंह ने भी मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस इसकी जांच की जा रही है।