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Shimla News: सीरीज आधार के प्रश्नपत्रों के मूल्यांकन में आएगी दिक्कत
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भाषायी अध्यापक संघ ने जताई आपत्ति
बोर्ड से फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजकीय भाषायी अध्यापक संघ ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के अध्यक्ष और सचिव से शैक्षणिक सत्र 2024-2025 की वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्र पुराने पैटर्न पर सेट किए जाने के निर्णय पर दोबारा विचार करने की मांग की है।
संघ के राज्य अध्यक्ष हेमराज ठाकुर, महासचिव अर्जुन सिंह, कोषाध्यक्ष ललित कुमार, संघ के संस्थापक नरेंद्र कुमार शर्मा, महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष मीरा शर्मा, सचिव डाॅ. तारा और संयोजक धनवीर सिंह के साथ सभी जिलों के प्रधानों ने कहा कि ए, बी और सी सीरीज में अलग-अलग प्रश्न पूछे जाने से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना मुश्किल होगा। यह छात्रों के साथ न्याय नहीं होगा। प्रदेशाध्यक्ष हेमराज ने कहा कि संघ ने इस विषय को बोर्ड और शिक्षा विभाग से पिछले साल भी उठाया था। उन्होंने कहा कि उसके बाद बोर्ड और शिक्षा विभाग ने इस सत्र से अलग-अलग सीरीज में प्रश्न न डालने की बात कही थी। सभी प्रश्न पत्रों में एक ही प्रकार के प्रश्न पूछने की सहमति प्रदान की थी। हेमराज ने बताया कि अलग-अलग सीरीज में अलग-अलग प्रश्न पूछे जाने से छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। हेमराज ने बताया कि अलग अलग सीरीज में अलग-अलग प्रश्न पूछे जाने से मूल्यांकन प्रणाली की विश्वसनीयता और वैधता बाधित होती है। इसलिए हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग और बोर्ड इस मुद्दे पर छात्र हित में गंभीरता से विचार करें।
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बोर्ड से फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजकीय भाषायी अध्यापक संघ ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के अध्यक्ष और सचिव से शैक्षणिक सत्र 2024-2025 की वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्न पत्र पुराने पैटर्न पर सेट किए जाने के निर्णय पर दोबारा विचार करने की मांग की है।
संघ के राज्य अध्यक्ष हेमराज ठाकुर, महासचिव अर्जुन सिंह, कोषाध्यक्ष ललित कुमार, संघ के संस्थापक नरेंद्र कुमार शर्मा, महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष मीरा शर्मा, सचिव डाॅ. तारा और संयोजक धनवीर सिंह के साथ सभी जिलों के प्रधानों ने कहा कि ए, बी और सी सीरीज में अलग-अलग प्रश्न पूछे जाने से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना मुश्किल होगा। यह छात्रों के साथ न्याय नहीं होगा। प्रदेशाध्यक्ष हेमराज ने कहा कि संघ ने इस विषय को बोर्ड और शिक्षा विभाग से पिछले साल भी उठाया था। उन्होंने कहा कि उसके बाद बोर्ड और शिक्षा विभाग ने इस सत्र से अलग-अलग सीरीज में प्रश्न न डालने की बात कही थी। सभी प्रश्न पत्रों में एक ही प्रकार के प्रश्न पूछने की सहमति प्रदान की थी। हेमराज ने बताया कि अलग-अलग सीरीज में अलग-अलग प्रश्न पूछे जाने से छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। हेमराज ने बताया कि अलग अलग सीरीज में अलग-अलग प्रश्न पूछे जाने से मूल्यांकन प्रणाली की विश्वसनीयता और वैधता बाधित होती है। इसलिए हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग और बोर्ड इस मुद्दे पर छात्र हित में गंभीरता से विचार करें।
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