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Shimla News: क्षुद्र ग्रह खोज अभियान के लिए पीएम श्री टुटू विद्यालयों का चयन
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अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ने का मिलेगा मौका
वैज्ञानिक प्रक्रिया को समझने का अवसर भी मिलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टुटू का चयन नासा के नागरिक विज्ञान कार्यक्रम के तहत होने वाले इंटरनेशनल एस्टेरॉइड सर्च कैंपेन (आईएएससी)-2026 के लिए हुआ है। हिमाचल के चयनित विद्यालयों में शामिल यह स्कूल अगस्त 2026 में इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनेगा। इस अभियान के तहत क्षुद्र ग्रह की खोज होगी।
प्रधानाचार्य डॉ. रशिमा राणा ने कहा कि स्कूल के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। इस अभियान से विद्यार्थियों को वास्तविक अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ने और वैज्ञानिक प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा। अभियान के दौरान विद्यार्थी पेशेवर वेधशालाओं से प्राप्त दूरबीन चित्रों का विश्लेषण करेंगे। वह एस्ट्रोमेट्रिका सॉफ्टवेयर की सहायता से गतिशील खगोलीय पिंडों की पहचान, उनकी स्थिति और चमक का मापन करेंगे। विद्यार्थियों द्वारा चिह्नित पिंड पहले से ज्ञात क्षुद्र ग्रह या संभावित नए क्षुद्र ग्रह हो सकते हैं, जिनकी आगे विशेषज्ञ खगोलविद जांच करेंगे।
डॉ. रशिमा राणा ने इस उपलब्धि के लिए राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश, शिक्षा निदेशालय और एचपीएसईएस-एसटीईएम शिक्षा प्रकोष्ठ का आभार व्यक्त किया। इनके प्रयासों से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिल रहा है। प्रधानाचार्य ने कहा कि यह अभियान विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, शोध की रुचि, डेटा विश्लेषण, तार्किक चिंतन, समस्या समाधान, कंप्यूटर कौशल और टीम भावना विकसित करेगा।
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वैज्ञानिक प्रक्रिया को समझने का अवसर भी मिलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टुटू का चयन नासा के नागरिक विज्ञान कार्यक्रम के तहत होने वाले इंटरनेशनल एस्टेरॉइड सर्च कैंपेन (आईएएससी)-2026 के लिए हुआ है। हिमाचल के चयनित विद्यालयों में शामिल यह स्कूल अगस्त 2026 में इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनेगा। इस अभियान के तहत क्षुद्र ग्रह की खोज होगी।
प्रधानाचार्य डॉ. रशिमा राणा ने कहा कि स्कूल के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। इस अभियान से विद्यार्थियों को वास्तविक अंतरिक्ष अनुसंधान से जुड़ने और वैज्ञानिक प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा। अभियान के दौरान विद्यार्थी पेशेवर वेधशालाओं से प्राप्त दूरबीन चित्रों का विश्लेषण करेंगे। वह एस्ट्रोमेट्रिका सॉफ्टवेयर की सहायता से गतिशील खगोलीय पिंडों की पहचान, उनकी स्थिति और चमक का मापन करेंगे। विद्यार्थियों द्वारा चिह्नित पिंड पहले से ज्ञात क्षुद्र ग्रह या संभावित नए क्षुद्र ग्रह हो सकते हैं, जिनकी आगे विशेषज्ञ खगोलविद जांच करेंगे।
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डॉ. रशिमा राणा ने इस उपलब्धि के लिए राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश, शिक्षा निदेशालय और एचपीएसईएस-एसटीईएम शिक्षा प्रकोष्ठ का आभार व्यक्त किया। इनके प्रयासों से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिल रहा है। प्रधानाचार्य ने कहा कि यह अभियान विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, शोध की रुचि, डेटा विश्लेषण, तार्किक चिंतन, समस्या समाधान, कंप्यूटर कौशल और टीम भावना विकसित करेगा।
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