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Shimla News: शहीदों के वृत्तचित्र देखकर परिजनों की आंखें नम, मंत्री भी हुए भावुक

Wed, 26 Jul 2023 11:14 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jul 2023 11:14 PM IST
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Seeing the documentary of the martyrs, the eyes of the relatives were moist, the minister also became emotional
बचत भवन में आयोजित समारोह में शहीदों को किया याद
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शहीदों के परिजन, वीर नारियां और पूर्व सैनिक किए सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी

शिमला। भारत-पकिस्तान युद्ध के एक वीडियो को एलईडी स्क्रीन पर देखकर शहीदों के परिजन, पूर्व सैनिक सहित मंत्री भावुक हो गए। युद्ध में सैनिकों के अदम्य साहस का परिचय करवाने वाले इन लघु वृत्तचित्रों को देखकर शहीदों के परिजनों की आंखें नम हो गईं।

बचत भवन में बुधवार को राज्यस्तरीय 24वें कारगिल विजय दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने देश की रक्षा में शहादत पाने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लोगों को देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए शपथ भी दिलाई। समारोह में शहीदों के परिजनों को सम्मान दिया गया। इसमें जिला शिमला से स्वर्गीय गन्नर यशवंत सिंह के माता बिमला देवी, स्वर्गीय ग्रेनेडियर नरेश कुमार के भाई हेम कुमार तथा स्वर्गीय ग्रेनेडियर अनंत राम के भाई पूर्ण चंद को सम्मानित किया गया। इसके अलावा कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले सूबेदार मेजर ऑनरेरी लेफ्टिनेंट दिवाकर शर्मा, सूबेदार मेजर राम लाल शर्मा, सूबेदार स्वरूप ठाकुर, हवलदार लक्ष्मी दत्त, नायक प्रवीण शर्मा, नायक दयाल चंद वर्मा, आनरेरी कप्तान मोहन सिंह और स्वर्गीय हवलदार सुंदर लाल की धर्मपत्नी शीला वर्मा को सम्मानित किया गया। इस दौरान कलाकारों ने समूह गान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उपमहापौर उमा कौशल, उपाध्यक्ष जिला सैनिक बोर्ड शिमला सेवानिवृत लेफ्टिनेंट कर्नल दौलत सिंह चौहान, उपायुक्त आदित्य नेगी, आरट्रैक शिमला से कर्नल अर्पित यादव, एडीसी अभिषेक वर्मा सहित सैन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। संवाद
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शौर्य, साहस एवं त्याग की रही है समृद्ध परंपरा
पंचायतीराम मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि विजय दिवस भारतीय सैनिकों के शौर्य गाथा के रूप में इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अंकित हो चुका है। शूरवीरों के अदम्य साहस और वीरता से कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों से दुश्मन को खदेड़ कर तिरंगा लहराया। हिमाचल में शौर्य, साहस एवं त्याग की समृद्ध परंपरा रही है, जिससे प्रदेश को देवभूमि के साथ वीरभूमि होने का गौरव भी हासिल किया है। देश के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते थे। बताया कि वर्ष 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों और पाकिस्तानी सेना ने कारगिल की चोटियों पर कब्जा जमा लिया था। इसके बाद भारतीय सेना ने उन्हें खदेड़ने के लिए 8 मई से ऑपरेशन विजय की शुरुआत की थी। 26 जुलाई तक चले युद्ध के दौरान 527 शहीद भारतीय सैनिकों में से 52 हिमाचल प्रदेश से संबंधित थे। इसमें चार परमवीर चक्र विजेताओं में से दो हिमाचल के वीरों को प्राप्त हुए थे। युद्ध में देश के 1300 से ज्यादा सैनिक घायल हुए थे।
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