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शिमला: रामपुर में बगीचे में घात लगाए बैठा था भालू, 64 वर्षीय बुजुर्ग पर अचानक किया हमला; हालत गंभीर
Sun, 20 Sep 2026 01:49 PM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर।
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:49 PM IST
सार
शिमला जिले के रामपुर बुशहर क्षेत्र में भालू के हमले की एक और घटना सामने आई है। मशनू पंचायत के 64 वर्षीय नरम लाल हस्टा रविवार सुबह बगीचे में भेड़-बकरियों के लिए घास लेने गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, मुंह और टांगों पर गंभीर चोटें आईं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : AI
विस्तार
जंगल और आबादी के बीच बढ़ती भालुओं की आवाजाही अब ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। रामपुर बुशहर के मशनू पंचायत में रविवार सुबह बगीचे में काम करने पहुंचे एक बुजुर्ग पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें उपचार के लिए शिमला रेफर करना पड़ा।
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मशनू गांव निवासी नरम लाल हस्टा (64) रविवार सुबह रोजाना की तरह अपने बगीचे की ओर गए थे। बताया गया कि वह भेड़-बकरियों के लिए घास लेने के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे। करीब सुबह 9:30 बजे जब वह बगीचे में काम कर रहे थे, तभी झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
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झाड़ियों से निकला भालू और अचानक कर दिया हमला
बुजुर्ग को संभलने का मौका भी नहीं मिला। भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके सिर, मुंह और टांगों पर गंभीर चोटें आईं। हमले के दौरान नरम लाल के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। लोगों के पहुंचने के बाद भालू वहां से जंगल की तरफ भाग गया। ग्रामीणों ने घायल बुजुर्ग को बगीचे से सड़क तक पहुंचाया और निजी वाहन से उन्हें महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल ले गए।
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खनेरी से आईजीएमसी शिमला किया रेफर
खनेरी अस्पताल में घायल को प्राथमिक उपचार दिया गया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें आगे के उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया। घटना के बाद मशनू और आसपास के इलाकों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि दिन के समय बगीचे में काम करने जा रहे व्यक्ति पर भालू हमला कर सकता है तो सुबह और शाम खेतों की ओर जाना और भी जोखिम भरा हो सकता है।
पहले भी सामने आ चुके हैं भालू की मौजूदगी के मामले
मशनू में हुई यह घटना क्षेत्र में भालू से जुड़ी चिंता की पहली घटना नहीं है। रामपुर-बुशहर क्षेत्र के आसपास हाल के दिनों में भी भालुओं के आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। 16 सितंबर की एक रिपोर्ट में बाग हुम्हेर और थरोला पंचायत के आसपास भालुओं की गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का उल्लेख किया गया था। वहां भालुओं के गोशालाओं तक पहुंचने और पालतू पशुओं को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच ग्रामीण अब वन विभाग से ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने की पिंजरा लगाने की मांग
मशनू में बुजुर्ग पर हमले के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भालू की मौजूदगी के कारण खेतों और बगीचों में जाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने घायल नरम लाल को नियमानुसार उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई है। लोगों का कहना है कि वन्यजीवों की गतिविधियों को देखते हुए प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
वन विभाग ने शुरू किए सुरक्षा उपाय
वन विभाग रामपुर के डीएफओ गुरहर्ष सिंह ने बताया कि भालू के हमले में घायल व्यक्ति को विभाग की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है और क्षेत्र में भालू को पकड़ने के लिए जल्द पिंजरा स्थापित किया जाएगा। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में अलार्म उपकरण भी लगाए जा रहे हैं। डीएफओ ने ग्रामीणों से जंगल या आसपास के क्षेत्रों में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को भालू दिखाई देता है तो वह तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दे।
मशनू में हुई इस घटना के बाद अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि भालू को जल्द पकड़कर आबादी से दूर किया जाएगा, ताकि खेतों और बगीचों में काम करने वाले ग्रामीण बिना डर के अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां कर सकें।
मशनू में हुई यह घटना क्षेत्र में भालू से जुड़ी चिंता की पहली घटना नहीं है। रामपुर-बुशहर क्षेत्र के आसपास हाल के दिनों में भी भालुओं के आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। 16 सितंबर की एक रिपोर्ट में बाग हुम्हेर और थरोला पंचायत के आसपास भालुओं की गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का उल्लेख किया गया था। वहां भालुओं के गोशालाओं तक पहुंचने और पालतू पशुओं को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई थीं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच ग्रामीण अब वन विभाग से ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने की पिंजरा लगाने की मांग
मशनू में बुजुर्ग पर हमले के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भालू की मौजूदगी के कारण खेतों और बगीचों में जाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने घायल नरम लाल को नियमानुसार उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई है। लोगों का कहना है कि वन्यजीवों की गतिविधियों को देखते हुए प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
वन विभाग ने शुरू किए सुरक्षा उपाय
वन विभाग रामपुर के डीएफओ गुरहर्ष सिंह ने बताया कि भालू के हमले में घायल व्यक्ति को विभाग की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है और क्षेत्र में भालू को पकड़ने के लिए जल्द पिंजरा स्थापित किया जाएगा। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में अलार्म उपकरण भी लगाए जा रहे हैं। डीएफओ ने ग्रामीणों से जंगल या आसपास के क्षेत्रों में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को भालू दिखाई देता है तो वह तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दे।
मशनू में हुई इस घटना के बाद अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि भालू को जल्द पकड़कर आबादी से दूर किया जाएगा, ताकि खेतों और बगीचों में काम करने वाले ग्रामीण बिना डर के अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां कर सकें।