Bilaspur News: सुरक्षा कमेटी ने किया रेल लाइन, फोरलेन की सुरंगों का निरीक्षण
सुरंग सुरक्षा मानकों के लिए गठित कमेटी ने कैंची मोड़ में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्माणाधीन एस्केप टनल रेल निर्माण के अन्तर्गत टी-11/पी 2 थापना, टी-12/पी 1 जाब्बल, टी-14/पी 2 कल्लर, टी-15 नई सारली व टी-16 भराड़ी सुरंग का निरीक्षण किया।
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हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में निर्माणाधीन सुरंगों में कार्य कर रहे कर्मचारियों और श्रमिकों के सुरक्षा मानकों की क्षमता के निरीक्षण के लिए गठित कमेटी ने अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं रेल लाइन में निर्माणाधीन सुरंगों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक के दिशा निर्देश पर किया गया। सुरंग सुरक्षा मानकों के लिए गठित कमेटी ने कैंची मोड़ में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्माणाधीन एस्केप टनल रेल निर्माण के अन्तर्गत टी-11/पी 2 थापना, टी-12/पी 1 जाब्बल, टी-14/पी 2 कल्लर, टी-15 नई सारली व टी-16 भराड़ी सुरंग का निरीक्षण किया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिले में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं रेल विकास निगम के अंतर्गत बनाई जा रही सुरंगों का सुरक्षा की दृष्टि से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सुरंगों में श्रमिकों व कर्मचारियों की सुरक्षा मानकों की तकनीकी व गैर तकनीकी पहलुओं को गहनता से जांचा गया। यदि किसी प्रकार की अलग-अलग आपदाएं घटित होती हैं तो उससे निपटने के लिए की गई तैयारियों व मजदूरों के बचाव व सुरक्षा के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा भी लिया। निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की भी जांच की गई। आपदा के दौरान आपातकालीन योजना के संबंध में भी कंपनी प्रबंधन से चर्चा की गई। कार्य कर रहे मजदूरों को दिए सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता, अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को दिए गए सुरक्षा उपकरणों की जांच की गई।
उन्होंने बताया कि निरीक्षण जांच दल में विभिन्न विभागों के तकनीकी अधिकारी शामिल हैं। जिन्होंने विभिन्न विभागों से संबंधित तकनीकी आधारों पर सुरंग निर्माण में सुरक्षा मानकों की जानकारी प्राप्त की। यह विभाग निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों व सुझावों की रिपोर्ट को जल्द ही समिति को सौंपेंगे, ताकि सुरक्षा निर्माण कंपनियों के अधिकारियों के साथ मिलकर सशक्त सुरक्षा प्रबंधों व उपायों के साथ रिपोर्ट की अनुपालन सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपायों के प्रबंध के लिए नीति तैयार की जा सके, ताकि आपदा के समय किसी प्रकार की हानि न हो। इस समिति में जिला राजस्व अधिकारी देवी राम, सदस्य सचिव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग,अधीक्षण अभियंता जल शक्ति विभाग, अधीक्षण अभियंता विद्युत बोर्ड, संबद्ध उपमंडलाधिकारी, कमांडेंट होमगार्ड, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, राज्य भूवैज्ञानिक, माइनिंग अधिकारी, अधिशासी अभियंता प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, श्रम अधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी, रेल विकास निगम के अधिकारी शामिल हैं।