लड़ाकू विमान मंडराने की घटना पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, मामले की छानबीन शुरू
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लाहौल-स्पीति में आधी रात को लड़ाकू विमान मंडराने की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हालांकि इस संबंध में कोई भी अधिकारी स्पष्ट तौर पर कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। सुरक्षा कारणों के चलते मसले गोपनीय रखा जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की गहनता से छानबीन शुरू कर दी है। अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि रात के 11 बजे लड़ाकू विमानों के घाटी में उड़ान भरने का क्या मकसद है। ये विमान कहां से आए। सीआईडी के अलावा पुलिस भी इस मामले की जांच में जुट गई है।
एक तरफ लाहौल और चंबा से सटी लगभग 216 किलोमीटर लंबी सरहद जम्मू-कश्मीर से लगती है तो दूसरी ओर स्पीति घाटी का क्षेत्र तिब्बत की सीमा से लगा है। सोमवार रात 11 बजे घाटी के आकाश में लड़ाकू विमान मंडराते रहे।
सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी मीडिया में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि प्रशासन को आधिकारिक तौर पर लड़ाकू विमान उड़ने को लेकर जानकारी नहीं है।
भुंतर एयरपोर्ट अथॉरिटी के निदेशक एए अंसारी ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और भुंतर हवाई अड्डे के एयर ट्रैफिक कंट्रोल की रेंज से बाहर है।