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Shimla News: भवनों में गुपचुप निर्माण कर बनाए कमरे बालकनी और शौचालय गिराने के आदेश
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नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल की अदालत का फैसला, चार भवन मालिकों को बिना नक्शे के किए गए निर्माण को गिराने के आदेश जारी
एक ने नगर निगम की जमीन पर बनाया दिया है शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में चार भवनों में किए गए अवैध निर्माण को गिराने के आदेश जारी हो गए हैं। इनमें दो भवन मालिकों को बिना नक्शे के बनाए गए कई नए कमरे और बालकनी गिराने होंगे। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल की अदालत ने शनिवार को हुई सुनवाई में यह फैसला सुनाया है।
नगर निगम के अनुसार चार मामलों में अवैध निर्माण गिराने के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें दो छोटा शिमला क्षेत्र के हैं। यहां एक भवन मालिक ने गुपचुप अपने भवन का आकार बढ़ा दिया था। भवन में कई नए कमरे बना दिए थे। नगर निगम के नोटिस के बावजूद इसने अवैध निर्माण नहीं गिराया। अब आयुक्त कोर्ट में सुनवाई के दौरान भवन मालिक ने भवन का नक्शा तो दिखाया लेकिन अवैध रूप से बनाए कमरों की अनुमति नहीं दिखा पाया। इसे अब अवैध रूप से बनाए कमरे गिराने होंगे। छोटा शिमला में ही एक भवन मालिक ने अपने भवन में बालकनी बना दी थी। इसे अब तोड़ना होगा।
पंथाघाटी में एक व्यक्ति ने अपने मकान के साथ लगती नगर निगम की जमीन पर ही अतिक्रमण कर शौचालय खड़ा कर दिया। इसे अब यह शौचालय गिराने और नगर निगम की जमीन खाली करने के आदेश दिए हैं। लक्कड़ बाजार के ईदगाह कॉलोनी में भी एक व्यक्ति ने वक्फ बोर्ड की जमीन पर अपने घर के लिए शौचालय बना दिया था। इसे भी गिराने के आदेश जारी किए हैं। एक मामले में भवन मालिक ने अनुपालना रिपोर्ट पेश की और बताया कि उसने अवैध निर्माण हटा दिया है। इससे जुड़ा केस अब रद्द कर दिया है। आयुक्त कोर्ट में कुल 19 मामलों पर शनिवार को सुनवाई हुई है।
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इनसेट
सचिवालय के बगल में अवैध निर्माण, निगम का नोटिस बेअसर
छोटा शिमला क्षेत्र में नगर निगम के रोक के नोटिस के बावजूद भवन निर्माण जारी है। सचिवालय के बगल में हो रहे इस निर्माण पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम के अनुसार एक व्यक्ति बिना अनुमति मौके पर निर्माण कर रहा है। दो हफ्ते से इसका काम चला हुआ है। निगम ने टीम मौके पर भेजी थी और काम रोकने के निर्देश दिए। साथ ही नोटिस भी जारी किया। इसके बावजूद शनिवार को भी मौके पर निर्माण जारी रहा। व्यक्ति का दावा है कि उसने मकान का नक्शा 1993 में पास करवाया है। वह नक्शे के अनुसार काम कर रहा है। हालांकि नगर निगम टीम के मांगने पर व्यक्ति नक्शा नहीं दिखा पाया। निगम के अनुसार यदि नक्शा पास है तब भी एक साल के भीतर काम शुरू करना जरूरी है। भवन मालिक 33 साल बाद मौके पर निर्माण कर रहा है। इसके लिए कोई मंजूरी नहीं ली गई। दूसरा इन 33 साल में शहर में भवन निर्माण के नियम काफी बदल चुके हैं। भवन मालिक को दोबारा नोटिस जारी किया जा रहा है। अनाडेल में निगम की जमीन पर दुकान शहर के अनाडेल क्षेत्र में भी नगर निगम की जमीन पर लोहे का ढांचा खड़ा कर अवैध दुकान बनाने का आरोप है। नगर निगम को इस बारे में शिकायत मिली है। निगम प्रशासन का कहना है कि इस बारे में फील्ड स्टाफ से रिपोर्ट मांगी है।
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एक ने नगर निगम की जमीन पर बनाया दिया है शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में चार भवनों में किए गए अवैध निर्माण को गिराने के आदेश जारी हो गए हैं। इनमें दो भवन मालिकों को बिना नक्शे के बनाए गए कई नए कमरे और बालकनी गिराने होंगे। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल की अदालत ने शनिवार को हुई सुनवाई में यह फैसला सुनाया है।
नगर निगम के अनुसार चार मामलों में अवैध निर्माण गिराने के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें दो छोटा शिमला क्षेत्र के हैं। यहां एक भवन मालिक ने गुपचुप अपने भवन का आकार बढ़ा दिया था। भवन में कई नए कमरे बना दिए थे। नगर निगम के नोटिस के बावजूद इसने अवैध निर्माण नहीं गिराया। अब आयुक्त कोर्ट में सुनवाई के दौरान भवन मालिक ने भवन का नक्शा तो दिखाया लेकिन अवैध रूप से बनाए कमरों की अनुमति नहीं दिखा पाया। इसे अब अवैध रूप से बनाए कमरे गिराने होंगे। छोटा शिमला में ही एक भवन मालिक ने अपने भवन में बालकनी बना दी थी। इसे अब तोड़ना होगा।
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पंथाघाटी में एक व्यक्ति ने अपने मकान के साथ लगती नगर निगम की जमीन पर ही अतिक्रमण कर शौचालय खड़ा कर दिया। इसे अब यह शौचालय गिराने और नगर निगम की जमीन खाली करने के आदेश दिए हैं। लक्कड़ बाजार के ईदगाह कॉलोनी में भी एक व्यक्ति ने वक्फ बोर्ड की जमीन पर अपने घर के लिए शौचालय बना दिया था। इसे भी गिराने के आदेश जारी किए हैं। एक मामले में भवन मालिक ने अनुपालना रिपोर्ट पेश की और बताया कि उसने अवैध निर्माण हटा दिया है। इससे जुड़ा केस अब रद्द कर दिया है। आयुक्त कोर्ट में कुल 19 मामलों पर शनिवार को सुनवाई हुई है।
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सचिवालय के बगल में अवैध निर्माण, निगम का नोटिस बेअसर
छोटा शिमला क्षेत्र में नगर निगम के रोक के नोटिस के बावजूद भवन निर्माण जारी है। सचिवालय के बगल में हो रहे इस निर्माण पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम के अनुसार एक व्यक्ति बिना अनुमति मौके पर निर्माण कर रहा है। दो हफ्ते से इसका काम चला हुआ है। निगम ने टीम मौके पर भेजी थी और काम रोकने के निर्देश दिए। साथ ही नोटिस भी जारी किया। इसके बावजूद शनिवार को भी मौके पर निर्माण जारी रहा। व्यक्ति का दावा है कि उसने मकान का नक्शा 1993 में पास करवाया है। वह नक्शे के अनुसार काम कर रहा है। हालांकि नगर निगम टीम के मांगने पर व्यक्ति नक्शा नहीं दिखा पाया। निगम के अनुसार यदि नक्शा पास है तब भी एक साल के भीतर काम शुरू करना जरूरी है। भवन मालिक 33 साल बाद मौके पर निर्माण कर रहा है। इसके लिए कोई मंजूरी नहीं ली गई। दूसरा इन 33 साल में शहर में भवन निर्माण के नियम काफी बदल चुके हैं। भवन मालिक को दोबारा नोटिस जारी किया जा रहा है। अनाडेल में निगम की जमीन पर दुकान शहर के अनाडेल क्षेत्र में भी नगर निगम की जमीन पर लोहे का ढांचा खड़ा कर अवैध दुकान बनाने का आरोप है। नगर निगम को इस बारे में शिकायत मिली है। निगम प्रशासन का कहना है कि इस बारे में फील्ड स्टाफ से रिपोर्ट मांगी है।