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Shimla News: शहर में पानी के लिए मारामारी, कई वार्डों में पांचवें दिन पहुंची आपूर्ति
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चौड़ा मैदान जोन के कच्चीघाटी, चक्कर, घोड़ाचौकी, समरहिल और नाभा-फागली इलाकों में भारी जलसंकट
पीने लायक पानी के लिए तरस रहे हैं लोग
हैंडपंप, बावड़ियों के सामने लग रही लाइनें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में झमाझम बरस रहे बादलों के बीच पीने के पानी के लिए मारामारी शुरू हो गई है। शहर के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति पांचवें दिन में पहुंच गई है।
कंपनी का शेड्यूल इतना गड़बड़ा गया है कि कई वार्डों में रात 10:30 बजे तो कहीं तड़के सुबह 3:00 बजे लोगों को पीने लायक पानी दिया जा रहा है। आपूर्ति ठप होने से शहर में बावड़ियों और हैंडपंपों के सामने देर रात तक पानी भरने के लिए लोगों की लाइनें लग रही हैं। कंपनी को विधानसभा, कैथू, राममंदिर समेत अन्य संस्थानों में बुधवार को टैंकर भेजकर पानी की आपूर्ति करनी पड़ी। शहर के चौड़ा मैदान जोन के तहत आने वाले ज्यादातर वार्डों के हजारों लोग सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं। यहां सप्लाई पांचवें दिन में पहुंच गई है।
चक्कर, कच्चीघाटी, घोड़ाचौकी, समरहिल और नाभा के कुछ इलाकों में बुधवार सुबह पांचवें दिन भी पानी नहीं मिला। लोगों ने कहा कि कंपनी ने सुबह पानी देने का दावा किया था लेकिन शाम 5:00 बजे तक सप्लाई नहीं दी। कंपनी के दफ्तर में फोन करने पर पता चला कि इलाकों के टैंक खाली हैं। पूर्व पार्षद किरण बावा ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम और कंपनी ने पेयजल व्यवस्था नहीं सुधारी तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों का सब्र अब टूट रहा है। पार्षद किरण शर्मा ने कहा कि वार्ड में पांचवें दिन भी पानी नहीं आया है।
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नाभा-फागली वार्ड में बुधवार सुबह चौथे दिन पानी आया, लेकिन चंद मिनट बाद ही टैंक खाली होने पर आपूर्ति ठप हो गई। पार्षद सिमी नंदा ने अधिकारियों को फोन किया। जवाब मिला कि टैंक खाली हो गया है। आपूर्ति कब होगी, इसके बारे में अधिकारी कुछ नहीं बता सके। भराड़ी, पटयोग और टूटूीकंडी के कई इलाकों में भी पेयजल संकट गहरा गया है।
चौथे दिन भी रात 3 बजे आया पानी
शहर के अनाडेल वार्ड के कोमली बैंक में रात 3:00 बजे पानी दिया गया। इसके चलते सैकड़ों लोग पानी नहीं भर पाए। पार्षद उर्मिला कश्यप ने कहा कि इस क्षेत्र में ज्यादातर परिवार किरायेदार हैं। रात को पानी आने से यह लोग टंकियां नहीं भर पाए। सार्वजनिक नलों से भी लोग पानी भरते हैं। अब लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। कंपनी ने पानी की आपूर्ति की सूचना तक नहीं दी। हालत यह है कि अनाडेल चौक पर भी हैंडपंप से पानी भरने के लिए लोगों की लाइनें लग रहीं।
पांचवें दिन पानी, फिर भी कर दिया महंगा
भट्ठाकुफर में भी पांचवें दिन पीने का पानी दिया जा रहा है। पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि एक ओर कंपनी ने पानी की दरें आठ फीसदी बढ़ा दी हैं, दूसरी ओर अब पांचवें दिन आपूर्ति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक पानी की आपूर्ति नियमित नहीं होगी, पार्षद दरें नहीं बढ़ने देंगे। पार्षद आशा शर्मा ने कहा कि पटयोग में चौथे दिन पानी तो आया, लेकिन प्रेशर इतना कम था कि कई लोगों की पानी की टंकियां खाली रह गईं। उन्होंने कहा कि कंपनी को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।
शहर को मिला सिर्फ 32 एमएलडी पानी
सतलुज योजना ठप होने के बाद शहर की पेयजल व्यवस्था अब गिरि और गुम्मा के सहारे है। भारी बारिश के कारण गिरि परियोजना सोमवार शाम से ठप है। मंगलवार को भी इससे शहर को पानी नहीं मिला। बुधवार को करीब सात एमएलडी पानी आया। सभी पांच परियोजनाओं से शहर को 32.70 एमएलडी पानी मिला जो सामान्य से करीब 16 एमएलडी कम है। कंपनी का कहना है कि गिरि में गाद अब कम हो गई है। बुधवार शाम तक छह में से तीन पंप चला दिए हैं। अगले एक-दो दिन में राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। कंपनी के महाप्रबंधक राजेश कश्यप का कहना है कि आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। लोगों को जल्द राहत मिलेगी।
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पीने लायक पानी के लिए तरस रहे हैं लोग
हैंडपंप, बावड़ियों के सामने लग रही लाइनें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में झमाझम बरस रहे बादलों के बीच पीने के पानी के लिए मारामारी शुरू हो गई है। शहर के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति पांचवें दिन में पहुंच गई है।
कंपनी का शेड्यूल इतना गड़बड़ा गया है कि कई वार्डों में रात 10:30 बजे तो कहीं तड़के सुबह 3:00 बजे लोगों को पीने लायक पानी दिया जा रहा है। आपूर्ति ठप होने से शहर में बावड़ियों और हैंडपंपों के सामने देर रात तक पानी भरने के लिए लोगों की लाइनें लग रही हैं। कंपनी को विधानसभा, कैथू, राममंदिर समेत अन्य संस्थानों में बुधवार को टैंकर भेजकर पानी की आपूर्ति करनी पड़ी। शहर के चौड़ा मैदान जोन के तहत आने वाले ज्यादातर वार्डों के हजारों लोग सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं। यहां सप्लाई पांचवें दिन में पहुंच गई है।
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चक्कर, कच्चीघाटी, घोड़ाचौकी, समरहिल और नाभा के कुछ इलाकों में बुधवार सुबह पांचवें दिन भी पानी नहीं मिला। लोगों ने कहा कि कंपनी ने सुबह पानी देने का दावा किया था लेकिन शाम 5:00 बजे तक सप्लाई नहीं दी। कंपनी के दफ्तर में फोन करने पर पता चला कि इलाकों के टैंक खाली हैं। पूर्व पार्षद किरण बावा ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम और कंपनी ने पेयजल व्यवस्था नहीं सुधारी तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों का सब्र अब टूट रहा है। पार्षद किरण शर्मा ने कहा कि वार्ड में पांचवें दिन भी पानी नहीं आया है।
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नाभा-फागली वार्ड में बुधवार सुबह चौथे दिन पानी आया, लेकिन चंद मिनट बाद ही टैंक खाली होने पर आपूर्ति ठप हो गई। पार्षद सिमी नंदा ने अधिकारियों को फोन किया। जवाब मिला कि टैंक खाली हो गया है। आपूर्ति कब होगी, इसके बारे में अधिकारी कुछ नहीं बता सके। भराड़ी, पटयोग और टूटूीकंडी के कई इलाकों में भी पेयजल संकट गहरा गया है।
चौथे दिन भी रात 3 बजे आया पानी
शहर के अनाडेल वार्ड के कोमली बैंक में रात 3:00 बजे पानी दिया गया। इसके चलते सैकड़ों लोग पानी नहीं भर पाए। पार्षद उर्मिला कश्यप ने कहा कि इस क्षेत्र में ज्यादातर परिवार किरायेदार हैं। रात को पानी आने से यह लोग टंकियां नहीं भर पाए। सार्वजनिक नलों से भी लोग पानी भरते हैं। अब लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। कंपनी ने पानी की आपूर्ति की सूचना तक नहीं दी। हालत यह है कि अनाडेल चौक पर भी हैंडपंप से पानी भरने के लिए लोगों की लाइनें लग रहीं।
पांचवें दिन पानी, फिर भी कर दिया महंगा
भट्ठाकुफर में भी पांचवें दिन पीने का पानी दिया जा रहा है। पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि एक ओर कंपनी ने पानी की दरें आठ फीसदी बढ़ा दी हैं, दूसरी ओर अब पांचवें दिन आपूर्ति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक पानी की आपूर्ति नियमित नहीं होगी, पार्षद दरें नहीं बढ़ने देंगे। पार्षद आशा शर्मा ने कहा कि पटयोग में चौथे दिन पानी तो आया, लेकिन प्रेशर इतना कम था कि कई लोगों की पानी की टंकियां खाली रह गईं। उन्होंने कहा कि कंपनी को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।
शहर को मिला सिर्फ 32 एमएलडी पानी
सतलुज योजना ठप होने के बाद शहर की पेयजल व्यवस्था अब गिरि और गुम्मा के सहारे है। भारी बारिश के कारण गिरि परियोजना सोमवार शाम से ठप है। मंगलवार को भी इससे शहर को पानी नहीं मिला। बुधवार को करीब सात एमएलडी पानी आया। सभी पांच परियोजनाओं से शहर को 32.70 एमएलडी पानी मिला जो सामान्य से करीब 16 एमएलडी कम है। कंपनी का कहना है कि गिरि में गाद अब कम हो गई है। बुधवार शाम तक छह में से तीन पंप चला दिए हैं। अगले एक-दो दिन में राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। कंपनी के महाप्रबंधक राजेश कश्यप का कहना है कि आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। लोगों को जल्द राहत मिलेगी।