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छात्रा ने बनाया ई-डस्टबिन, नजदीक आते ही खुलेगा ढक्कन, जलेगी बत्ती

Fri, 06 Mar 2020 10:21 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, जोगिंद्रनगर / चौंतड़ा (मंडी)
अमर उजाला नेटवर्क, जोगिंद्रनगर / चौंतड़ा (मंडी) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 06 Mar 2020 10:21 AM IST
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scientific innovation girl student made Electronic dustbin in mandi himachal pradesh
- फोटो : अमर उजाला

सरकारी स्कूल चौंतड़ा की जमा एक की छात्रा अंचला कुमारी ने ई-डस्टबिन तैयार किया है। छात्रा ने इसे स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब में महज एक हजार रुपये में बनाया है। इसकी निगरानी कहीं से भी की जा सकती है। स्मार्ट ई-डस्टबिन में अल्ट्रासोनिक सेंसर और चिप (वीमास) लगी है। जैसे ही कोई व्यक्ति इसके नजदीक जाता है तो यह स्वयं ही खुलेगा। इसमें तीन बल्ब लगे हैं। अगर डस्टबिन कूड़े से भरा है तो ढक्कन खुलते ही लाल बटन जलेगा। अगर कूड़े से आधा भरा है तो नीला और खाली होने पर हरा बटन जलेगा। 

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इसकी इंटरनेट के माध्यम से कहीं से भी निगरानी की जा सकती है। मसलन, नगर परिषद कार्यालय में ही निगरानी हो सकेगी कि सफाई कर्मचारियों ने डस्टबिन खाली किया है या नहीं। छात्रा का तर्क है कि शहरी निकायों और ग्राम पंचायतों में डस्टबिन स्थापित हो रहे हैं, लेकिन इनके खुला रहने से न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि लावारिस जानवर भी कचरे में घुसे रहते हैं। कई जगह सफाई कर्मी कूड़ेदान खाली नहीं करते। अब ई-डस्टबिन की निगरानी करना आसान होगा।

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स्कूल के टीजीटी नॉन मेडिकल एवं अटल टिंकरिंग लैब प्रभारी संदीप वर्मा ने बताया कि लैब का उद्देश्य स्कूली बच्चों और समाज के अन्य लोगों को किताबी ज्ञान के बजाय प्रैक्टिकल के साथ नई तकनीकों से अवगत करवाकर समाज की विभिन्न समस्याओं को हल करते हुए जीवन को सुगम बनाना है।

प्रधानाचार्य कल्याण सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2018-19 के दौरान प्रदेश को 13 हजार स्कूलों की कड़ी राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के माध्यम से दो एटीएल लैब मिली हैं। इनमें चौंतड़ा का सरकारी स्कूल प्रदेश का पहला स्कूल था। अटल टिंकरिंग लैब में थ्री-डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के नए तकनीकों से रूबरू होने का मौका मिलता है।

लैब में 6वीं कक्षा के ऊपर के विद्यार्थी, समाज के लोग शामिल होकर अपने नवोन्मेषी विचारों को मूर्तरूप प्रदान कर सकते हैं। लैब स्कूल समय के बाद शाम को तीन से पांच बजे तक कार्यरत रहती है।

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