Himachal News: हिमाचल के स्कूली विद्यार्थियों ने इसरो में जानी अंतरिक्ष विज्ञान व उपग्रह तकनीक
बुधवार को हिमाचल प्रदेश के पीएमश्री विद्यालयों के 76 विद्यार्थियों के एक दल ने इसरो में अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह तकनीक, रॉकेट प्रक्षेपण, अनुसंधान प्रक्रियाओं और भारत की प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों को नजदीक से देखा और समझा। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश के पीएमश्री विद्यालयों के 76 विद्यार्थियों के एक दल ने बुधवार को बंगलूरू में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह तकनीक, रॉकेट प्रक्षेपण, अनुसंधान प्रक्रियाओं और भारत की प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों को नजदीक से देखा और समझा। इसरो पहुंचकर बच्चे विज्ञान की इस अद्भुत दुनिया को देखकर बेहद उत्साहित और अभिभूत नजर आए।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश के नौ अलग-अलग जिलों से चयनित 76 विद्यार्थी इस दल में शामिल हैं। छह अध्यापक भी विद्यार्थियों के साथ गए हैं। शैक्षणिक दौरे के तहत विद्यार्थियों को इसरो के आईएसटीआरएसी केंद्र का भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की बुनियादी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि उपग्रहों का निर्माण कैसे होता है, रॉकेट कैसे प्रक्षेपित किए जाते हैं और अंतरिक्ष में होने वाला अनुसंधान देश और दुनिया के लिए किस तरह उपयोगी है।
विद्यार्थियों ने यह भी जाना कि भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में कौन-कौन सी महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं और इनके पीछे वैज्ञानिकों की मेहनत, समर्पण और सोच कैसी होती है। इस अवसर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक बी शंकर मेडास्वामी ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने इसरो की कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी सरल भाषा में दी। विशेष रूप से उन्होंने चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता के बारे में विस्तार से बताया और विद्यार्थियों को भविष्य में वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इसरो में कार्यरत अधिकांश वैज्ञानिक ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन मेहनत और निरंतर प्रयास से उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की है।
इसरो की टीम ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रयोगशालाओं और सुविधाओं का भ्रमण कराया। वाटर बूस्टर रॉकेट के प्रक्षेपण का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे देखकर बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। यह प्रदर्शन विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को व्यावहारिक रूप में समझने का एक रोचक और प्रभावी माध्यम बना। शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों के साथ आए अध्यापकों को भी महत्वपूर्ण शैक्षणिक अनुभव प्राप्त हुआ। यहां देखे गए प्रयोगों, मॉडलों और कार्यप्रणालियों को शिक्षक अपने पाठ्यक्रम से जोड़कर कक्षा शिक्षण में उपयोग कर सकेंगे।