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गोलमाल! स्कूलों में रख लिए बिना योग्यता वाले टीचर

Mon, 06 Oct 2014 11:09 PM IST
Updated Mon, 06 Oct 2014 11:09 PM IST
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School management committees in controversy over language teacher recruitment.

स्कूलों में बिना बीएड के शिक्षकों की नियुक्ति हो रही है। हालांकि, सरकार ने टीजीटी, एलटी और लेक्चरर के लिए बीएड अनिवार्य की है, लेकिन स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के तहत बिना बीएड के भाषा अध्यापक रखे जा रहे हैं। इससे सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। एक तरफ प्रदेश में भाषा अध्यापकों के 146 पद कमीशन के आधार पर भर जा रहे हैं।

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अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड हमीरपुर ने आठ जुलाई को इसकी अधिसूचना जारी की थी। इसमें शैक्षणिक योग्यता बीए इलेक्टिव हिंदी के साथ तथा बीएड अनिवार्य की है। जिन अभ्यर्थियों ने जेबीटी ट्रेनिंग की है और हिंदी विषय के साथ बीए की है, वे भी कमीशन में बैठ सकते हैं।
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उनके लिए भी बीएड अनिवार्य है। वहीं, एसएमसी के तहत भाषा अध्यापकों की नियुक्ति में नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। बीएड कर चुके युवा साहिल कुमार, अर्पित, जोगिंद्र सिंह, अंकुश, आर्य, सीमा, नेहा, रूपाली, पायल और सुनीता ने कहा कि सरकार भाषा अध्यापकों की नियुक्ति में दोहरे मापदंड अपना रही है।
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पुराने नियमों पर ही कर ली रिक्रूटमेंट

School management committees in controversy over language teacher recruitment.

एक ही वर्ग के अध्यापकों की नियुक्ति को दो-दो नियम कैसे हो सकते हैं। एसएमसी में 2011 के रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन रूल्स (आरएंडपी) के तहत शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। 2011 के आरएंडपी रूल्स में भाषा अध्यापकों के लिए बीएड अनिवार्य नहीं है।

कहा कि कमीशन के आधार पर होने वाली नियुक्ति को बीएड अनिवार्य है तो एसएमसी में बिना बीएड के भाषा अध्यापक क्यों रखे जा रहे हैं। उधर, प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक सुरेंद्र सिंह पठानिया ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार स्कूलों में एसएमसी के तहत नियुक्तियां की जा रही हैं।

इन पदों को बीएड जरूरी

सरकार ने टीजीटी मेडिकल, नॉन मेडिकल और आर्ट्स के शिक्षकों के लिए बीएड अनिवार्य की है। इसके अलावा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी लेक्चरर के  लिए बीएड होना अनिवार्य है। भाषा अध्यापक की नियुक्ति भी बिना बीएड के नहीं हो सकती।

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