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छात्रवृत्ति घोटाला: बताए गए बैंक खाते के बजाय दूसरे खाते में डाल दी राशि
Tue, 30 Jul 2019 11:25 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 30 Jul 2019 11:25 AM IST
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250 करोड़ से ज्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले की सीबीआई जांच में अब शैक्षणिक संस्थानों और शिक्षा विभाग के खेल की परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। छापा मारने के बाद सीज किए गए दस्तावेजों की पड़ताल में कई नए तथ्य सामने आने लगे हैं। सीबीआई सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि एडमिशन के समय छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति के आवेदन पत्र में जिन बैंक खातों का ब्योरा दिया था, उनकी बजाय दूसरे बैंक खातों में उनके हिस्से की छात्रवृत्ति की राशि डाल दी गई।
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यही नहीं, उन्हें किसी दूसरे संस्थान का छात्र भी दिखाया गया। एक मामले में एक छात्रा की 77 हजार की छात्रवृत्ति किसी दूसरे के खाते में जारी हुई। खास बात यह है कि जिस खाते में पैसा गया, उस खाताधारक के नाम से आवेदन तक नहीं हुआ था। सिरमौर की इस छात्रा के अलावा कई अन्य छात्र-छात्राओं की भी कुछ इसी तरह की जानकारी सामने आई है।
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खास बात यह है कि इस बात की जानकारी जब छात्रा को हुई तो उसने शिकायत की, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब सीबीआई ऐसी सभी शिकायतों को भी जांच में शामिल कर रही है। इनके आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। साल 2013 से 2017 तक की छात्रवृत्तियां सीबीआई जांच के रडार पर हैं। चूंकि, ढाई लाख से ज्यादा बच्चों को छात्रवृत्ति आवंटित हुई है। ऐसे में उनसे जुड़े दस्तावेजों की छंटनी करने में समय लग रहा है। इसकी वजह से जांच तेजी से नहीं चल पा रही है।
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