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Shimla News: प्रदेश के पांचवीं कक्षा के 17,000 छात्रों ने दी छात्रवृत्ति परीक्षा
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राजधानी के विभिन्न केंद्रों पर हुई स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति परीक्षा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को पहचानने और प्रोत्साहित करने के लिए स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति योजना के पहले चरण की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में प्रदेश के पांचवीं कक्षा के लगभग 17,000 छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) सोलन ने संभाली।
शिमला में कई परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा दी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोर्टमोर, लक्कड़ बाजार, संजौली और चक्कर जैसे प्रमुख सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए। छात्रों की सुविधा और परीक्षा की सुचारु व्यवस्था के लिए सभी इंतजाम किए गए थे। परीक्षा दो चरणों में होती है। स्क्रीनिंग परीक्षा पास करने वाले छात्र ही अगले चरण की परीक्षा में बैठ सकेंगे। अंतिम मेरिट सूची में चयनित 100 छात्रों को तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति मिलेगी। छठी कक्षा के लिए 4,000, सातवीं के लिए 5,000 और आठवीं के लिए 6,000 प्रतिमाह दिए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान कर शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों को पहचानने और प्रोत्साहित करने के लिए स्वर्ण जयंती छात्रवृत्ति योजना के पहले चरण की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में प्रदेश के पांचवीं कक्षा के लगभग 17,000 छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) सोलन ने संभाली।
शिमला में कई परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा दी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोर्टमोर, लक्कड़ बाजार, संजौली और चक्कर जैसे प्रमुख सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए। छात्रों की सुविधा और परीक्षा की सुचारु व्यवस्था के लिए सभी इंतजाम किए गए थे। परीक्षा दो चरणों में होती है। स्क्रीनिंग परीक्षा पास करने वाले छात्र ही अगले चरण की परीक्षा में बैठ सकेंगे। अंतिम मेरिट सूची में चयनित 100 छात्रों को तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति मिलेगी। छठी कक्षा के लिए 4,000, सातवीं के लिए 5,000 और आठवीं के लिए 6,000 प्रतिमाह दिए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान कर शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
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