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Shimla News: बाबा भोले की आराधना का माह सावन 16 से होगा शुरू
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श्रावण के पहले सोमवार का व्रत 20 को
भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय : नौटियाल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। भगवान शिव की आराधना का पावन माह सावन (श्रावण) इस वर्ष 16 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक चलेगा। इस माह व्रत के लिए चार सोमवार आएंगे।
हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पूरे माह में भक्त शिव पूजा, रुद्राभिषेक, व्रत और मंत्र जाप के माध्यम से भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से की गई शिव उपासना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि कर्क संक्रांति से व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए सावन सोमवार 20 जुलाई, 27 जुलाई, 3 अगस्त और 10 अगस्त को पड़ेंगे। श्रावण कृष्ण पक्ष से व्रत प्रारंभ करने वालों के लिए सोमवार 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को रहेंगे। उन्होंने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय माना गया है।
इस दौरान श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, शिव मंत्रों का जाप और सोमवार व्रत कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन में श्रद्धापूर्वक की गई शिव आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। देश के कुछ क्षेत्रों में सावन का महीना संक्रांति से शुरू हो जाता है। कुछ क्षेत्रों में यह महीना कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है जिसमें यह महीना पूर्णिमा से शुरू होकर पूर्णिमा पर खत्म होता है। हिमाचल, उत्तराखंड और नेपाल जैसे क्षेत्रों में यह सूर्य की स्थिति पर आधारित सौर कैलेंडर के अनुसार कर्क संक्रांति से शुरू होता है।
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भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय : नौटियाल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। भगवान शिव की आराधना का पावन माह सावन (श्रावण) इस वर्ष 16 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक चलेगा। इस माह व्रत के लिए चार सोमवार आएंगे।
हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पूरे माह में भक्त शिव पूजा, रुद्राभिषेक, व्रत और मंत्र जाप के माध्यम से भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से की गई शिव उपासना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। गंज बाजार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि कर्क संक्रांति से व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए सावन सोमवार 20 जुलाई, 27 जुलाई, 3 अगस्त और 10 अगस्त को पड़ेंगे। श्रावण कृष्ण पक्ष से व्रत प्रारंभ करने वालों के लिए सोमवार 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को रहेंगे। उन्होंने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय माना गया है।
इस दौरान श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, शिव मंत्रों का जाप और सोमवार व्रत कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन में श्रद्धापूर्वक की गई शिव आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। देश के कुछ क्षेत्रों में सावन का महीना संक्रांति से शुरू हो जाता है। कुछ क्षेत्रों में यह महीना कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है जिसमें यह महीना पूर्णिमा से शुरू होकर पूर्णिमा पर खत्म होता है। हिमाचल, उत्तराखंड और नेपाल जैसे क्षेत्रों में यह सूर्य की स्थिति पर आधारित सौर कैलेंडर के अनुसार कर्क संक्रांति से शुरू होता है।
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