फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   sanyukt Kisan Manch will march to Raj Bhavan on 26th November

Sanyukt Kisan Manch: 26 नवंबर को संयुक्त किसान मंच करेगा राज भवन मार्च

Tue, 22 Nov 2022 10:43 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 22 Nov 2022 10:43 PM IST
सार

 संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 नवंबर को देश भर में राज भवन मार्च किया जा रहा है। संयुक्त किसान मंच ने प्रदेश के सभी किसान बागवान संगठनों से राजभवन मार्च में शामिल होने का आह्वान किया है।

विज्ञापन
sanyukt Kisan Manch will march to Raj Bhavan on 26th November
संयुक्त किसान मंच अध्यक्ष व उपाध्यक्ष। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

26 नवंबर को संयुक्त किसान मंच राज भवन मार्च निकालेगा। 20 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर निकलने वाले इस मार्च में प्रदेश भर के किसान और बागवान भाग लेंगे। मार्च के बाद राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा। संयुक्त किसान मंच के सह संयोजक संजय चौहान ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 नवंबर को देश भर में राज भवन मार्च किया जा रहा है। संयुक्त किसान मंच ने प्रदेश के सभी किसान बागवान संगठनों से राजभवन मार्च में शामिल होने का आह्वान किया है। संयुक्त किसान मंच के बैनर तले हिमाचल प्रदेश के 27 किसान बागवान संगठन किसान बागवानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। किसान बागवान फलों की पैकेजिंग पर जीएसटी खत्म करने, कश्मीर की तर्ज पर एमआईएस में सेब खरीद करने और सेब पर आयात शुल्क 100 फ ीसदी करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा मंडियों में एपीएमसी कानून सख्ती से लागू करने, बैरियरों पर मार्केट फ ीस वसूली बंद करने, खाद, बीज, कीटनाशकों पर सब्सिडी बहाल करने, कृषि बागवानी सहयोगी उपकरणों पर सब्सिडी जारी करने, प्राकृतिक आपदाओं का मुआवजा जारी करने, ऋ ण माफ  करने, बागवानी बोर्ड का गठन करने, सभी फ सलों के लिए एमएसपी तय करने, निजी कंपनियों के सेब खरीद रेट तय करने को कमेटी बनाने, सहकारी समिति को सीए स्टोर बनाने के लिए 90 फीसदी अनुदान देने, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागू करने और मालभाड़े की बढ़ी दरों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

विज्ञापन


कृषि बागवानी की पैकेजिंग सामग्री पर खत्म करें जीएसटी
केंद्रीय बजट से पहले वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से प्री बजट मीटिंग आयोजित की। इसमें फल, सब्जी एवं फूल उत्पादक संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरीश चौहान कृषि एवं बागवानी से संबंधित पैकेजिंग सामग्री पर जीएसटी खत्म करने की मांग उठाई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। हरीश चौहान ने बताया कि मौजूदा समय में उद्योगों की तरह ही कृषि-बागवानी की पैकेजिंग सामग्री पर जीएसटी 18 फीसदी तय किया गया है। उद्योगों के उत्पादों पर उद्योगपतियों को किसी न किसी माध्यम से जीएसटी वापस मिल जाता है, जबकि किसानों-बागवानों पर यह पूरी तरह बोझ है। उन्होंने ईरान और तुर्की से अवैध रूट से होकर हो रहे सेब आयात को पूरी तरह बंद करने, 44 देशों से भारत में हो रहे सेब के आयात पर 100 फीसदी आयात शुल्क लगाने, कृषि एवं बागवानी से संबंधित योजनाओं, पॉलीहाउस, टपक सिंचाई, पावर टिलर, पावर स्प्रेयर, सोलर फेंसिंग के सामान पर किसान बागवानों से वसूले जाने वाले 16 से 24 फीसदी जीएसटी का भुगतान सरकार की ओर से करने, कठिन भौगोलिक स्थिति के चलते हिमाचल प्रदेश के लिए खादों, कीटनाशकों और फफूंदनाशकों पर अनुदान की राशि में बढ़ोतरी करने और प्रदेश में पैदा होने वाले सेब, स्टोन फ्रूट, सब्जियों, किन्नू, संतरे, टमाटर, अदरक और लहसुन सहित अन्य उत्पादों के सी और डी ग्रेड उत्पाद के लिए प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और विपणन को किसान बागवानों के लिए लाभकारी बनाने के लिए छोटे सीए स्टोर स्थापित करने का प्रावधान करने की मांग उठाई।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed