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Himachal: संजय बोले- जनधन खातों की 11 करोड़ ने नहीं करवाई री ई-केवाईसी, हो सकती दिक्कत

Mon, 15 Sep 2025 10:59 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन।
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 15 Sep 2025 10:59 AM IST
सार

आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि देशभर में करीब 55 करोड़ जनधन खातों में से 11 करोड़ उपभोक्ताओं ने अभी तक दोबारा ई-केवाईसी नहीं करवाई है। 

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Sanjay Malhotra said- 11 crore Jan Dhan accounts have not done e-KYC, there could be a problem
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा - फोटो : संवाद

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि देशभर में करीब 55 करोड़ जनधन खातों में से 11 करोड़ उपभोक्ताओं ने अभी तक दोबारा ई-केवाईसी नहीं करवाई है। ऐसे में आगामी दिनों में इन खातों को ऑपरेट करने में दिक्कत आ सकती है। हिमाचल में करीब 19.20 लाख जनधन खाते हैं। इनमें से करीब 25 फीसदी निष्क्रिय हैं। सोलन में पंजाब नेशनल बैंक की ओर से वित्तीय समावेशन संतृप्ति कार्यक्रम में संजय मल्होत्रा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में बैंक 100 फीसदी डिजिटल हो गए हैं। यह एक अनूठी पहल है। प्रदेश ने न केवल साक्षरता हासिल की, जबकि वित्तीय साक्षरता में सबसे आगे है।

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उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन एवं वित्तीय साक्षरता एक दूसरे के पूरक हैं और भारतीय रिजर्व बैंक यह सुनिश्चित बना रहा है कि लोग वित्तीय रूप से साक्षर हों ताकि वित्तीय समावेशन का लक्ष्य पूर्ण हो सके और लोगों का धन सुरक्षित रहे। भारतीय रिजर्व बैंक विभिन्न बैंकों के सहयोग से देश में वित्तीय समावेशन शिविर आयोजित कर रहा है। इन शिविरों में जहां वित्तीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, वहीं री-केवाईसी जैसे आवश्यक उत्तरदायित्व को पूर्ण करने पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन के लिए आवश्यक है कि बैंक उपभोक्ता तक पहुंचें। वर्तमान में देश में लगभग 1.65 लाख वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से लोगों को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

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प्रदेश में सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि 500 जनसंख्या वाली बस्ती के पांच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध हो। वित्तीय समावेशन की दिशा में पहला पग बैंक खाता है और आज देश में लगभग 250 करोड़ बैंक खाते खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन की अन्य योजनाएं जैसे अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री दुर्घटना बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना व अन्य योजनाओं का लाभलोगों को घर-द्वार पर पहुंचाना बैंकों का लक्ष्य है।

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प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत लाभार्थी गंगा देवी, अनु देवी, नरेंद्र सिंह व योगेश कुमार को दावा चेक प्रदान किए गए। पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक अशोक चंद्र ने प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना सहित प्रमुख वित्तीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस मौके पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन, भारतीय रिजर्व बैंक की मुख्य महाप्रबंधक निशा नांबियार, पीएनबी बैंक के जोनल हेड राकेश तोमर, डिप्टी जनरल मैनेजर दया नंद कर्दम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

फ्रॉड से बचने के लिए पासवर्ड, ओटीपी साझा न करें
आरबीआई गर्वनर संजय मल्होत्रा ने कहा कि डिजिटल फ्रॉड पिछले साल से काफी कम हुए हैं, लेकिन ये अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं। आरबीआई की ओर से इसके लिए समाधान निकालने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि री ई-केवाईसी करवाने से फ्रॉड आदि से भी बचा जा सकता है। प्रदेश भले ही डिजिटल हो गया है अब इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी हो जाता है कि पासवर्ड, ओटीपी को भी किसी के साथ साझा नहीं करना है। इससे डिजिटल फ्रॉड से बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि इस दिशा में बैंकों द्वारा समय-समय पर दी जा रही जानकारी को ध्यान में रखें।

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