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छात्राओं को निजी स्कूल-कॉलेजों में भी मिलेंगे अब सेनेटरी नैपकिन

Fri, 15 Mar 2019 10:17 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 15 Mar 2019 10:17 AM IST
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sanitary napkins will be available for Girls in private schools and colleges now
सांकेतिक तस्वीर
सरकारी स्कूल-कॉलेजों के साथ अब प्रदेश के निजी स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को भी शिक्षण संस्थान में सेनेटरी नैपकिन मुहैया करवाए जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी निजी स्कूल-कॉलेजों के प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर जल्द सेनेटरी नैपकिन मशीनें लगाने के आदेश दिए हैं।
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निजी संस्थानों में आशा वर्कर्स के माध्यम से एक रुपये में छह नैपकिन का पैकेट उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशानुसार बुधवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में निजी स्कूल-कॉलेजों में भी सेनेटरी नैपकिन की मशीनें लगवाने का फैसला लिया गया।
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गुरुवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से माध्यम से निजी स्कूल-कॉलेजों के प्रिंसिपलों को इस बाबत आदेश जारी किए। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि 10 से 19 साल की आयु की छात्राओं को स्कूलों में नैपकिन मुहैया करवाए जाएंगे।
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एक रुपये में छात्राओं को छह नैपकिन का एक पैकेट मशीन के माध्यम से मिलेगा। शौचालयों में सेनेटरी नैपकिन मशीनें लगाई जाएंगी। निदेशालय से सभी निजी संस्थानों से इस बाबत उठाए गए कदमों के बाबत 15 दिनों में रिपोर्ट मांगी है।

इंफेक्शन से बचेंगी लड़कियां

 संस्थानों से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट को हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा। छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था की गई है। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. प्रमोद चौहान ने बताया कि सेनेटरी नैपकिन मशीन से आसानी से नैपकिन प्राप्त हो जाएगा।

इसके अलावा एक अलग मशीन में प्रयोग किए गए नैपकिन को नष्ट करने की सुविधा भी मिलेगी। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाली किशोरियों की सबसे बड़ी चिंता दूर करने की दिशा में सरकार ने यह पहल की है। इस व्यवस्था से से लड़कियों की शारीरिक स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी। 

लड़कियों को इंफेक्शन से बचाने के लिए सरकार का यह सराहनीय प्रयास है। अधिकांश लड़कियों में नैपकिन खरीदने को लेकर संकोच रहता है और वे मेडिकल स्टोर में जाकर सेनेटरी नैपकिन लेने से परहेज करती हैं। ऐसे में इन मशीनों के लगने से लड़कियों को बड़ी राहत मिलेगी।

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