संयुक्त किसान मंच: जेल भरो आंदोलन के लिए शिमला में जुटेंगे हजारों नाराज बागवान
संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने बताया कि किसान-बागवान संकट में हैं, लेकिन सरकार बेखबर बैठी है। सरकार की नींद तोड़ने के लिए जेल भरो आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए किसानों-बागवानों की बैठकों का दौर शुरू कर दिया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
किसानों-बागवानों की मांगों को लेकर सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये के खिलाफ संयुक्त किसान मंच ने 17 अगस्त को जेल भरो आंदोलन का एलान किया है। आंदोलन के लिए जिला शिमला से हजारों किसान-बागवान राजधानी में जुटेंगे। आंदोलन की तैयारियों के लिए संयुक्त किसान मंच ने ब्लॉक, तहसील और उपमंडल स्तर पर बैठकों के लिए तिथियां निर्धारित कर दी हैं। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने बताया कि किसान-बागवान संकट में हैं, लेकिन सरकार बेखबर बैठी है। सरकार की नींद तोड़ने के लिए जेल भरो आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए किसानों-बागवानों की बैठकों का दौर शुरू कर दिया गया है। बुधवार को कुल्लू जिले के निरमंड में बैठक हुई। इसमें किसानों-बागवानों में जेल भरो आंदोलन के लिए भारी उत्साह देखने को मिला है। मंच ने 5 अगस्त को ऐतिहासिक किसान आक्रोश रैली और सचिवालय घेराव किया था।
इसके बाद सरकार ने 10 दिन के भीतर 20 सूत्रीय मांग पत्र को पूरा करने का आश्वासन दिया था। अगर सरकार 16 अगस्त तक सभी मांगें पूरी नहीं करती तो 17 अगस्त को जेल भरो आंदोलन होगा। संजय चौहान ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों-बागवानों की मांगों को लेकर बिल्कुल संजीदा नहीं है। 28 जुलाई को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने स्वयं स्वीकार किया था कि मांगपत्र में सभी 20 मांगें जायज हैं और सरकार इन पर शीघ्र अमल करेगी। बावजूद इसके किसी एक भी मांग पर अमल नहीं किया गया। सेब की पैकेजिंग सामग्री कार्टन और ट्रे पर जीएसटी छूट की जटिल प्रक्रिया को सरल करने की मांग पर गौर नहीं किया गया। एपीएमसी की मंडियों में लूटखसोट पर रोक नहीं लगाई गई है। चेकपोस्टों पर अवैध वसूली जारी है। सेब खरीद करने वाली कंपनियों के सेब खरीद के दाम तय करने के लिए बागवानी विश्वविद्यालय के वीसी की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का दावा किया था, लेकिन कंपनियों ने सेब खरीद के लिए औने-पौने दाम घोषित करने शुरू कर दिए हैं। संयुक्त किसान मंच ने निर्णय लिया है कि यदि सरकार मांगों और आश्वासनों पर अमल नहीं करती तो मंच अपने आंदोलन को और अधिक तेज करेगा तथा तब तक जारी रखेगा जब तक सभी मांगों पर सरकार अमल नहीं कर लेती।
इन तिथियों पर यहां होगी बैठक
12 अगस्त रोहड़ूू
13 अगस्त जुब्बल
13 अगस्त मतियाना
14 अगस्त कोटखाई