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Shimla News: कूड़ा बिल जारी न होने से 950 सैहबकर्मियों की वेतन पर संकट
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कूड़ा बिल से होने वाली कमाई से जारी होती है तनख्वाह
20 जुलाई से बंद है वेबसाइट, बिल न जारी हो पा रहे न जमा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे 950 से ज्यादा सैहब कर्मचारियों की तनख्वाह पर संकट मंडरा गया है। नगर निगम की कूड़ा बिल वेबसाइट ठप होने से अगले महीने इनकी तनख्वाह भी अटक सकती है।
नगर निगम हर महीने कूड़ा बिल से होने वाली आय से इन कर्मचारियों को तनख्वाह देता है। इस महीने कूड़ा बिल जारी ही नहीं हुए हैं। इसके अलावा लोग अपने पुराने बिल भी जमा नहीं कर पा रहे हैं। शिमला शहर में 60 हजार से ज्यादा घरों और संस्थानों से रोजाना कूड़ा उठाया जाता है। यह जिम्मा सैहब सोसायटी के 950 से ज्यादा कर्मचारी संभाल रहे हैं। नगर निगम हर महीने लोगों को कूड़ा बिल जारी करता है। इसके ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से भुगतान की सुविधा है। कूड़ा शुल्क से निगम को हर माह एक करोड़ रुपये से अधिक की आय होती है। इसी आय से सैहब कर्मचारियों को तनख्वाह दी जाती है। 20 जुलाई से नगर निगम का कूड़ा बिल भुगतान का ऑनलाइन पोर्टल बंद है। इसके चलते न तो लोगों को बिल जारी हो पा रहे हैं और न ही वह पुराने बिल जमा कर पा रहे हैं। नगर निगम का दावा है कि सिटीजन सेवा पोर्टल पर जल्द ऑनलाइन सुविधा शुरू होने वाली है। हालांकि, इस महीने इसके शुरू होने की संभावना कम है। ऐसे में निगम को कूड़ा शुल्क से होने वाली आय नहीं मिली है, जिससे कर्मचारियों को तनख्वाह देने का संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों को समय पर मिलेगी तनख्वाह
कूड़ा बिल का पैसा न आने के कारण अब नगर निगम को अपने फंड से कर्मचारियों को तनख्वाह देनी होगी। निगम की खुद की वित्तीय हालत भी इन दिनों कमजोर है। पैसे की कमी के कारण नए कामों को रोकना पड़ा है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि सैहब कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलेगा। नगर निगम अपने फंड से इसका भुगतान करेगा। उन्होंने कहा कि कूड़ा बिल के भुगतान के लिए पोर्टल तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
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20 जुलाई से बंद है वेबसाइट, बिल न जारी हो पा रहे न जमा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे 950 से ज्यादा सैहब कर्मचारियों की तनख्वाह पर संकट मंडरा गया है। नगर निगम की कूड़ा बिल वेबसाइट ठप होने से अगले महीने इनकी तनख्वाह भी अटक सकती है।
नगर निगम हर महीने कूड़ा बिल से होने वाली आय से इन कर्मचारियों को तनख्वाह देता है। इस महीने कूड़ा बिल जारी ही नहीं हुए हैं। इसके अलावा लोग अपने पुराने बिल भी जमा नहीं कर पा रहे हैं। शिमला शहर में 60 हजार से ज्यादा घरों और संस्थानों से रोजाना कूड़ा उठाया जाता है। यह जिम्मा सैहब सोसायटी के 950 से ज्यादा कर्मचारी संभाल रहे हैं। नगर निगम हर महीने लोगों को कूड़ा बिल जारी करता है। इसके ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से भुगतान की सुविधा है। कूड़ा शुल्क से निगम को हर माह एक करोड़ रुपये से अधिक की आय होती है। इसी आय से सैहब कर्मचारियों को तनख्वाह दी जाती है। 20 जुलाई से नगर निगम का कूड़ा बिल भुगतान का ऑनलाइन पोर्टल बंद है। इसके चलते न तो लोगों को बिल जारी हो पा रहे हैं और न ही वह पुराने बिल जमा कर पा रहे हैं। नगर निगम का दावा है कि सिटीजन सेवा पोर्टल पर जल्द ऑनलाइन सुविधा शुरू होने वाली है। हालांकि, इस महीने इसके शुरू होने की संभावना कम है। ऐसे में निगम को कूड़ा शुल्क से होने वाली आय नहीं मिली है, जिससे कर्मचारियों को तनख्वाह देने का संकट खड़ा हो गया है।
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कर्मचारियों को समय पर मिलेगी तनख्वाह
कूड़ा बिल का पैसा न आने के कारण अब नगर निगम को अपने फंड से कर्मचारियों को तनख्वाह देनी होगी। निगम की खुद की वित्तीय हालत भी इन दिनों कमजोर है। पैसे की कमी के कारण नए कामों को रोकना पड़ा है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि सैहब कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलेगा। नगर निगम अपने फंड से इसका भुगतान करेगा। उन्होंने कहा कि कूड़ा बिल के भुगतान के लिए पोर्टल तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
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